Edited By Yakeen Kumar, Updated: 06 Jan, 2026 04:53 PM

हरियाणा में साल 2024 एचटेट परीक्षा परिणाम घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर जननायक जनता पार्टी ने सड़क पर उतरकर आंदोलन छेड़ दिया है। मंगलवार को प्रदेशभर में युवा जेजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्तों को राज्य के महामहिम राज्यपाल...
चंडीगढ़ : हरियाणा में साल 2024 एचटेट परीक्षा परिणाम घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर जननायक जनता पार्टी ने सड़क पर उतरकर आंदोलन छेड़ दिया है। मंगलवार को प्रदेशभर में युवा जेजेपी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिला उपायुक्तों को राज्य के महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपे और सीबीआई जांच की मांग उठाई। जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह चौटाला ने कहा कि भाजपा सरकार में सरेआम एचटेट परीक्षा परिणाम में बड़ा घोटाला किया गया और लाखों युवाओं के साथ धोखा किया गया। उन्होंने कहा कि इस घोटाले की सही से जांच न होने और घोटाला करने वाले सभी दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होने तक जेजेपी चुप नहीं बैठेगी।
दिग्विजय चौटाला ने बताया कि जेजेपी ने ज्ञापन के माध्यम से राज्यपाल और प्रशासन के संज्ञान में हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा के वर्ष 2024 के परिणामों को लेकर सामने आई सारी गंभीर अनियमितताओं को अनेक तथ्यों के साथ डाला है।
ज्ञापन में बताया गया है कि एचटेट रिजल्ट में हुई बड़ी गड़बड़ी ने परीक्षा की पारदर्शिता, निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाएं है। दिग्विजय ने सवाल उठाते हुए कहा कि जब एचटेट परिणाम पूर्ण रूप से तैयार हो चुका था, तब उसे अचानक रिकॉल क्यों किया गया? प्रथम बार में परिणाम मात्र 30 दिनों में तैयार हो गया था, लेकिन दोबारा परिणाम तैयार करने में 110 दिन क्यों लग गए? इतना ही नहीं नए घोषित परिणाम में त्रुटि के मार्जिन के आधार पर 1284 नए अभ्यर्थियों को उत्तीर्ण घोषित कर दिया गया जबकि इन अभ्यर्थियों का परिणाम हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर क्यों जारी नहीं किया गया और इन अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक प्रक्रिया पूरी क्यों नहीं की गई ?
जेजेपी युवा प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय चौटाला ने आगे कहा कि अभ्यर्थी को अपनी ओएमआर शीट प्राप्त करने के लिए दो साल का समय दिया जाता है, लेकिन हैरानी की बात है कि नए परिणाम की प्रक्रिया के दौरान अभ्यर्थियों को केवल दस दिनों की अवधि ही प्रदान की गई। वहीं परीक्षा परिणाम जारी करने के लिए एक पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग को कार्य सौंपा गया, जबकि इस संस्था को इस प्रकार के परीक्षा परिणाम तैयार करने का कोई पूर्व अनुभव नहीं था। साथ ही दिग्विजय ने कहा कि वर्तमान बोर्ड चेयरमैन पवन शर्मा पर पूर्व में ओपीजेएस विश्वविद्यालय में अनियमितताओं और बिना अनुमति पाठ्यक्रम संचालित करने जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं, जिनकी शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय तक भी की जा चुकी है। ऐसे में यह प्रश्न स्वाभाविक है कि हरियाणा सरकार की ऐसी क्या मजबूरी थी कि उन्हें इस अत्यंत संवेदनशील एवं जिम्मेदारी पूर्ण पद पर नियुक्त किया गया। दिग्विजय चौटाला ने कहा कि युवाओं के भविष्य से जुड़ा ये बेहद गंभीर मामला है, जिसकी हर हाल में सीबीआई जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इतने बड़े मामले में अब तक सरकार खामोश क्यों बैठी है, इस पर सरकार को जवाब देना चाहिए।