विकास की हरकतें रोड रोमियो जैसी, नहीं मिलेगी जमानत:कोर्ट

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Tuesday, September 12, 2017-3:34 PM

चंडीगढ़:चर्चित वर्णिका कुंडू अपहरण की कोशिश व छेड़छाड़ केस में जिला अदालत ने हरियाणा बी.जे.पी. अध्यक्ष के बेटे विकास बराला की जमानत याचिका मंगलवार को खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि आरोपी ने रोड साइड रोमियो की तरह हरकतें की हैं। उसने दूसरे आरोपी के साथ मिलकर शराब के नशे में अपराध किया है। इस आधार पर आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। 

ए.डी.जे. रजनीश कुमार शर्मा ने विकास बराला को जमानत देने से इंकार करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता के आरोप गंभीर हैं। याचिकाकर्ता का कहना है कि उसे पुलिस ने गलत फंसाया है, लेकिन पीड़िता की ओर से दर्ज कराई एफ.आई.आर. में साफ है कि उसे गलत नहीं फंसाया गया। वहीं, रिकार्ड में भी ऐसे कुछ सामने नहीं आया कि दोनों पक्षों में कोई पारिवारिक विवाद हो। इस आधार पर ऐसा कोई ठोस आधार नहीं मिला, जिस पर आरोपी को जमानत का लाभ दिया जाए इसलिए आरोपी की जमानत याचिका खारिज की जाती है। दोनों पक्षों में करीब एक घंटे तक बहस चली।

उल्लेखनीय है कि 4 और 5 अगस्त 2017 की रात को लगभग 12 बजे चंडीगढ़ में आईएएस अधिकारी वीएस कुंडू की बेटी वर्णिका कुंडू अपनी कार से जा रही थी। तभी कार सवार दो लड़कों ने उसका पीछा किया। दोनों लड़कों ने वर्णिका की कार के आगे अपनी कार लगाकर उसे रोकने की कोशिश की और कार के शीशे पर हाथ मारे। लड़की ने 100 नंबर पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों में से एक हरियाणा भाजपा अध्यक्ष सुभाष बराला का बेटा विकास बराला और दूसरा उसका दोस्त आशीष था।

पुलिस ने उस रात मौके पर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की तो दोनों शराब के नशे में धुत्त थे। इसके बाद पुलिस दोनों को मेडिकल के लिए अस्पताल लेकर आई, लेकिन दोनों ने ब्लड और यूरिन सैंपल देने से मना कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ पहले गैर जमानती धाराएं लगाईं, लेकिन बाद में धाराएं बदलकर जमानती कर दीं, जिससे दोनों को जमानत मिल गई। इस घटना का चंडीगढ़ समेत तमाम बड़े शहरों में विरोध हुआ। सरकार ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं होने के आरोप लगे और सुभाष बराला पर अपने बेटे को बचाने के आरोप लगे। 

9 अगस्त को पुलिस ने दोबारा पूछताछ के लिए दोनों को चंडीगढ़ स्थित सेक्टर-26 के थाने में बुलाया। पूछताछ के बाद पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों के खिलाफ किडनैपिंग की कोशिश की गैर जमानती धाराएं जोड़ीं। डीजीपी तेजिंदर लूथरा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि पुलिस पर किसी तरह का राजनीतिक दबाव नहीं है। किसी तरह का पक्षपात नहीं हो रहा है और निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपी विकास बराला और आशीष के खिलाफ किडनैपिंग की कोशिश की गैर जमानती धारा 365 और 511 जोड़ी गईं। दोनों को पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया गया। 10 अगस्त को दोनों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 

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