बी.एस.एन.एल. ए प्लाइज यूनियन ने हड़ताल के दौरान गेट पर दिया धरना

Edited By Deepak Paul, Updated: 09 Jan, 2019 02:21 PM

bsnl a plaid union held on the gate during the strike

भारत के वर्किंग क्लास द्वारा की जा रही ऐतिहासिक 18वीं आम हड़ताल में बी.एस.एन.एल. ए प्लाइज यूनियन के तत्वावधान में हड़ताल की तथा गेट पर धरना दिया व मांगों को लेकर नारेबाजी की। यूनियन के शाखा प्रधान कामरेड सूबे सिंह ने अध्यक्षता की। गेट मीटिंग के...

नारनौल(संतोष): भारत के वर्किंग क्लास द्वारा की जा रही ऐतिहासिक 18वीं आम हड़ताल में बी.एस.एन.एल. ए प्लाइज यूनियन के तत्वावधान में हड़ताल की तथा गेट पर धरना दिया व मांगों को लेकर नारेबाजी की। यूनियन के शाखा प्रधान कामरेड सूबे सिंह ने अध्यक्षता की। गेट मीटिंग के दौरान स बोधित करते हुए कहा कि यह हड़ताल देश के पब्लिक सैक्टर की रक्षा करने व सरकार की बी.एस.एन.एल. कर्मचारियों के प्रति विरोधी नीतियों को लेकर की जा रही है। सैंट्रल व स्टेट पी.एस.यू. में विनिवेश व रणनीतिक विक्रय पर रोक होना बहुत जरूरी है। स्थायी कार्यों में ठेकेदारी प्रथा पर रोक लगे व समान काम के लिए समान वेतन दिया जाए। वर्किं ग क्लास के संयुक्त व आक्रामक संघर्ष के बगैर इन नीतियों में बदलाव संभव नहीं है। धरने के दौरान यूनियन के शाखा के सचिव नंदलाल, दलीप सिंह, राजेन्द्र कुमार, रतिराम, मुनीम सिंह, रमेश चंद ाटाना, हरि सिंह, दीपचंद, जयप्रकाश सहित अनेक कर्मचारी मौजूद थे।

बैंक कर्मियों ने भी लियाहड़ताल में हिस्सा
देशव्यापी हड़ताल के दौरान बैंक कर्मचारियों ने भी हड़ताल में हिस्सा लिया। महेन्द्रगढ़ रोड स्थित पंजाब नैशनल बैंक के बाहर मांगों को लेकर बैंक कर्मचारी व एल.आई.सी. विभाग के कर्मियों ने नारेबाजी की। इस अवसर पर कर्मचारियों को स बोधित करते हुए यूनियन के पदाधिकारी महीपाल ने कहा कि सरकार बैंक कर्मचारियों के लिए नित नए फरमान जारी करती है। बैंक कर्मचारियों की वेतन वृद्धि को भी रोके हुए हैं। बैकों का आपसी विलय तथा निजीकरण जैसे तानाशाह निर्णय लेने से कर्मचारियों को परेशानी किया जा रहा है। इसलिए बैंक कर्मचारी 8-9 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे।

उन्होंने बताया कि बैंक कर्मचारियों की मांग है कि वेतनवृद्धि जो 2012 नव बर से रुकी हुई है। उसे लागू करें, बैंकों का निजीकरण बंद हो, एन.पी.एस. बंद की जाए, एल.आई.सी. बीमा विभाग में तृतीय व चतुर्थ श्रेणी के पदों की नियमित भर्ती की जाए, किसानों का कर्ज माफ  किया जाए व नए कर्ज ठीक तरह से आबंटित किए जाए। ठेकेदारी प्रथा बंद की जाए, न्यूनतम वेतन 18,000 रुपए किया जाए। इस मौके पर रमेश बिहारी, कुलदीप, नरेंद्र, दीपक, बिजेन्द्र सहित अनेक कर्मचारी मौजूद थे। 
 

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