Edited By Manisha rana, Updated: 11 Jun, 2026 12:35 PM

हरियाणा में हरियाली के क्षेत्र में यमुनानगर ने इतिहास रच दिया है। हाल ही में सामने आए डिजिटल गणनों के आंकड़ों के अनुसार जिले में 60 लाख से अधिक पेड़ दर्ज किए गए हैं, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं।
यमुनानगर (परवेज खान) : हरियाणा में हरियाली के क्षेत्र में यमुनानगर ने इतिहास रच दिया है। हाल ही में सामने आए डिजिटल गणनों के आंकड़ों के अनुसार जिले में 60 लाख से अधिक पेड़ दर्ज किए गए हैं, जो पूरे प्रदेश में सबसे अधिक हैं। राज्य के कुल पेड़ों में यमुनानगर का योगदान 14.86 प्रतिशत बताया गया है। यही वजह है कि यमुनानगर को हरियाणा का सबसे हरा भरा जिला माना जा रहा है। इस उपलब्धि के पीछे कलेसर नेशनल पार्क की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इसके साथ-साथ जिले में वर्षों से अपनाई जा रही कृषि वानिकी यानी एग्रो फॉरेस्ट्री मॉडल ने भी हरियाली बढ़ाने में बड़ा योगदान दिया है।
यमुनानगर के हजारों किसानों ने अपनी खेती के साथ पॉपुलर और सफेदा जैसे पेड़ों का बड़े स्तर पर रोपण किया, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई। पूर्व पर्यावरण मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि जब वे सरकार में थे, तब जिले में एग्रो फॉरेस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रयास किए गए थे। किसानों को पेड़ लगाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और उन्हें इसके आर्थिक लाभों के बारे में जागरूक किया गया।
कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि सरकार और किसानों के संयुक्त प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यमुनानगर पूरे प्रदेश में हरियाली के मामले में पहले स्थान पर पहुंचा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल हरियाली बढ़ाना नहीं था, बल्कि किसानों और ग्रामीण परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना भी था। पॉपुलर और सफेदा की खेती ने किसानों को अच्छा मुनाफा दिया और पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यमुनानगर की यह उपलब्धि न केवल जिले के लिए गर्व की बात है, बल्कि पूरे हरियाणा के लिए भी एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
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