Edited By Krishan Rana, Updated: 01 Sep, 2026 09:46 PM

हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने
चंडीगढ़ (चन्द्रशेखर धरणी): हरियाणा विधानसभा में मानसून सत्र के अंतिम दिन मंगलवार को उस समय हंगामा हो गया जब कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने ब्राह्मण समाज पर टिप्पणी की। विवाद इतना बढ़ा कि भाजपा विधायकों ने उन्हें घेर लिया। कांग्रेस विधायक ने प्रकरण पर माफी मांगी और स्पीकर ने कार्यवाही से शब्दों को निकलवाया।
दरअसल मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने संत गुरु रविदास की 650वीं जयंती को लेकर सरकारी संकल्प पेश किया और यात्रा निकालने की बात कही। इस दौरान कांग्रेस विधायक बीबी बत्तरा ने कलश यात्रा की कमेटी में कांग्रेस के एससी सांसदों-विधायकों को शामिल नहीं करने पर सवाल उठाए। सीएम सैनी ने कहा कि उन्हें इस बात से पीड़ा हो रही है और आंसू आ रहे हैं। सैनी ने आरोप लगाया कि गुरु तेग बहादुर की 350वीं जयंती के कार्यक्रमों में नेता प्रतिपक्ष को बुलाने के बावजूद वे कहीं दिखाई नहीं दिए।
बहस के दौरान भाजपा विधायक रामकुमार गौतम ने भूपेंद्र हुड्डा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आपके पप्पू को वंदे मातरम से क्या तकलीफ है। हुड्डा ने इसका विरोध करते हुए कहा कि सदन में वंदे मातरम गाया गया था और कांग्रेस ने उसका साथ दिया। उन्होंने टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने की मांग की।
कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल ने कहा कि ‘ब्राह्मण मत पूजिए जो होवे गुण हीन, पूजिए चरण चंडाल के, जो होवे गुण प्रवीण’ गीता भुक्कल ने कहा कि ब्राह्मण समाज में रामकुमार गौतम जैसा व्यक्ति पैदा हो सकता है, जो हर समय समाज में जातीय जहर घोलता रहता है। इस बात पर भाजपा विधायक भडक़ गए और गीता भुक्कल से माफी मांगने की बात उठाई।
हंगामे के बीच मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का संतों की जयंती मनाने के पीछे कोई राजनीतिक मकसद नहीं है। संतों और बुजुर्गों की मांग पर सरकार ने सभी संतों की जयंती सरकारी स्तर पर मनाने का फैसला किया था।
अरविंद शर्मा और मुकेश शर्मा ने गीता भुक्कल की टिप्पणी पर माफी की मांग की। अरविंद शर्मा ने कहा कि छोटी सोच के लोग इस तरह की बातें कर रहे हैं, जबकि यह सरकार बड़ी सोच के साथ बनी है।
मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हम महापुरूषों की सदैव पूजा करते हैं। विपक्ष के साथियों को भी ध्यान रखना चाहिए, कौन लोग क्या करते हैं, ऐसी टिप्पणी ना करें तो ज्यादा अच्छा है। इस तरह की टिप्पणी से बचना चाहिए। हम किसी के सर्टिफिकेट देने से नहीं, भावना से काम कर रहे हैं।
इस मुद्दे पर जब हंगामा बढ़ा तो कांग्रेस विधायक एवं पूर्व स्पीकर अशोक अरोड़ा ने सदन में कहा कि अगर किसी की भावना आहत हुई है तो हम क्षमा मांगते हैं। ब्राह्मण समुदाय हमारे लिए पूजनीय है। गीता भुक्कल का आशय सिर्फ इतना था कि किसी भी समाज में महान व्यक्ति पैदा हो सकता है। विवाद बढऩे के बाद स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने भी सदन की कार्यवाही से विवादित शब्दों को बाहर करवा दिया।
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