Edited By Isha, Updated: 30 Oct, 2026 07:53 PM
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 और 2027-28 के लिए नौवीं और दसवीं कक्षा की अध्ययन योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत 2026-27 में नौवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों
चंडीगढ़( चन्द्र शेखर धरणी): केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 और 2027-28 के लिए नौवीं और दसवीं कक्षा की अध्ययन योजना में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। नए प्रावधानों के तहत 2026-27 में नौवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम से ‘इंडिविजुअल्स इन सोसाइटी’ विषय और सीटी एवं एआई मॉड्यूल को बाहर रखा गया है। यही विद्यार्थी जब 2027-28 में दसवीं कक्षा में पहुंचेंगे तो उनके पाठ्यक्रम में पर्यावरण शिक्षा भी शामिल नहीं होगी।
सीबीएसई की ओर से बृहस्पतिवार को जारी अकादमिक परिपत्र संख्या 70/2026 में स्पष्ट किया गया है कि नए नियम इसी बैच के विद्यार्थियों पर लागू होंगे। हालांकि, वर्तमान शैक्षणिक सत्र 2026-27 में दसवीं कक्षा में पढ़ रहे विद्यार्थियों के लिए पुरानी अध्ययन योजना ही जारी रहेगी।
नौवीं में नौ विषयों की सामान्य अध्ययन योजना
नई अध्ययन योजना के तहत विद्यार्थियों को कुल नौ विषय पढ़ने होंगे। इनमें तीन भाषाएं, गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण और व्यावसायिक शिक्षा शामिल हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि व्यावसायिक शिक्षा अनिवार्य रहेगी। इसके लिए विद्यार्थी कौशल विकास अथवा निर्धारित 22 कौशल विषयों में से किसी एक का चयन कर सकेंगे।
कौशल विषय की बोर्ड परीक्षा देनी होगी
बोर्ड ने कौशल विकास और कौशल विषयों के मूल्यांकन की अलग-अलग व्यवस्था तय की है। कौशल विकास का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर होगा और इसकी बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। वहीं, 22 निर्धारित कौशल विषयों में से किसी एक का चयन करने वाले विद्यार्थियों को 2027-28 में दसवीं की बोर्ड परीक्षा में उस विषय का प्रश्नपत्र देना होगा।
कौशल विषय से बदल सकता है परीक्षा परिणाम
नए नियमों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान में से किसी एक विषय में 33 प्रतिशत से कम अंक आने पर विद्यार्थी के कौशल विषय के परिणाम को ध्यान में रखा जाएगा। यदि विद्यार्थी चुने गए कौशल विषय में उत्तीर्ण है तो संबंधित अनुत्तीर्ण विषय को कौशल विषय से बदलकर अंतिम परिणाम तैयार किया जा सकता है। हालांकि, कौशल विकास विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों को यह सुविधा नहीं मिलेगी।
दसवीं में पांच मुख्य विषयों में 33 प्रतिशत अंक जरूरी
दसवीं कक्षा के पांच मुख्य बोर्ड विषयों में दो भाषाएं, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान शामिल रहेंगे। प्रत्येक विषय में उत्तीर्ण होने के लिए आंतरिक मूल्यांकन और बोर्ड परीक्षा के संयुक्त अंकों में कम से कम 33 प्रतिशत अंक हासिल करना अनिवार्य होगा। तीसरी भाषा, कला शिक्षा और शारीरिक शिक्षा एवं कल्याण का मूल्यांकन स्कूल स्तर पर किया जाएगा।
एआई कौशल विषय के रूप में रहेगा उपलब्ध
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सीटी और एआई मॉड्यूल को पाठ्यक्रम से बाहर रखने का अर्थ यह नहीं है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पूरी तरह हटा दिया गया है। एआई निर्धारित 22 कौशल विषयों में उपलब्ध रहेगा और विद्यार्थी इसका चयन कर सकेंगे।
इसके अलावा अतिरिक्त वैकल्पिक भाषा में उत्तीर्ण होने पर पहली या दूसरी भाषा के किसी एक अनुत्तीर्ण विषय को बदलने का प्रावधान भी रहेगा। इसके लिए अतिरिक्त भाषा पहले से चुनी गई तीन भाषाओं से अलग होनी चाहिए।
विशेष आवश्यकता वाले विद्यार्थियों के लिए भी अलग व्यवस्था निर्धारित की गई है। ऐसे विद्यार्थी एक अनिवार्य भाषा और निर्धारित सूची में से चार अन्य बोर्ड विषयों का चयन कर सकेंगे। सीबीएसई के नए दिशा-निर्देशों से विद्यार्थियों के विषय चयन, मूल्यांकन और दसवीं के अंतिम परीक्षा परिणाम की व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा।