दान की जमीनों के मालिकाना हक की अड़चनें होंगी खत्म, सरकार ने SDM को दीं कलेक्टर की शक्तियां... अधिसूचना जारी

Edited By Isha, Updated: 28 Oct, 2026 03:13 PM

hurdles regarding ownership rights of donated lands will be removed

हरियाना में जिन प्रात्मनी, पुजारियों और पुरोहितों को दान में जमीन मिली थी उनके मालिकाना हक को लेकर अड़चन या बाधाएं है तो उन्हें दूर किया जाए। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए उप मंडल अधिकारी (नागरिक) यानी

चंडीगढ़: हरियाना में जिन प्रात्मनी, पुजारियों और पुरोहितों को दान में जमीन मिली थी उनके मालिकाना हक को लेकर अड़चन या बाधाएं है तो उन्हें दूर किया जाए। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अधिसूचना जारी करते हुए उप मंडल अधिकारी (नागरिक) यानी एसडीएम को भी इन समस्याओं की सुनवाई की शक्तियां दी हैं। राजस्व विभाग ने प्रथम श्रेणी कलेक्टर के रूप में एसडीएम को भी शक्तियां प्रदान कर दी हैं। अभी तक यह शक्तियां सिर्फ कलेक्टर के पास थीं।

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्त आयुक्त राजस्व एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने मंगलवार को अधिसूचना जारी की। अधिसूचना के अनुसार हरियाणा में दोहलीदार (पुजारी), बुटीमार (झाड़ीनुमा जमीन की सफाई करके खेती करने वाले), भौडेदार (मंदिरों में सेवा करने) और मुकररीटार (जिये तय समय के लिए जमीन दी गई को दान में मिली जमीनों के मालिकाना अधिकार निहित करने के लिए प्रथम श्रेणी के सहायक कलेक्टर के रूप में शक्तियां प्रदान की गई है। अब एसडीएम अपनी शक्तियों का उपयोग करके मातिकाना हक को लेकर कोई बाधाएं है या अड़चने है तो उन मामलों की सुनवाई करके सभाएं निस्तारित कराये।

मनोहर सरकार ने दिया था अधिकार
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल में दोहलीदारों को मालिकाना देने के लिए नवंबर 2023 में कानून बनाया था। इसके अनुसार दान में मिली जमीन पर खेती करने या कामना 20 वर्ष से अधिक समय है तो उन्हें मतिकाना हक दिया जाए‌गा। इसके बाद भी कई मामले तकनीकी बाधाओं के कारण लांबत है। अभी तक उपायुक्तों के पास यह शक्तियां थीं। इस फैसले में उपायुक्तले पर काम का बोझ कम होगा और एसडीएम सुनवाई करके जल्द मामानों को निपटारा कर सकेंगे।

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