शहीद सुनील को श्रद्धांजलि देने उमड़ा जनसैलाब, हर किसी की आंख हुई नम

Edited By Isha, Updated: 04 Sep, 2019 02:27 PM

the public gathered to pay martyr sunil everyone s eyes became moist

श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए सुनील भारद्वाज का पाॢथव शरीर सुबह पैतृक गांव ताजपुर पहुंचा। रास्ते में लोगों ने शहीद की अंतिम यात्रा में फूल बरसाए और कहा जब तक सूरज चांद रहेगा, सुनील भारद्वाज तेरा नाम रहेगा.............

बापौली: श्रीनगर में मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए सुनील भारद्वाज का पाॢथव शरीर सुबह पैतृक गांव ताजपुर पहुंचा। रास्ते में लोगों ने शहीद की अंतिम यात्रा में फूल बरसाए और कहा जब तक सूरज चांद रहेगा, सुनील भारद्वाज तेरा नाम रहेगा। इस दौरान बड़ी संख्या में शहीद को श्रद्धांजलि देने उमड़े जनसैलाब की आंखें नम हो गई।

छतों पर खड़ी थी महिलाएं, आंखों में थे आंसू
शहीद के पाॢथव शरीर के पहुंचने के इंतजार में सुबह करीब 6 बजे महिलाएं घरों की छतों पर खड़ी हो गई थी, लेकिन पार्थिव शरीर गांव में करीब 8 बजे पहुंचा, तब तक महिलाएं छतों पर ही खड़ी रहीं और रोती दिखाई दी।

शहीद की मां व पत्नी दे रही थी आवाज
शहीद की मां उर्मिला और पत्नी कविता सुनील को आवाज लगा रही थी और कह रही थी कि एक बार उन्हें सुनील का चेहरा दिखा दो। वहीं, पिता सतबीर व छोटे भाई अनिल का भी रो-रोकर बुरा हाल है। जब घर से सुनील के पार्थिव शरीर को ले जाने लगे, तो मां उर्मिला उसके पीछे ही चल पड़ी और कह रही थी कि सुनील तू कहां जा रहा है, वापस आ जा बेटा, मैं भी तेरे साथ चलूगीं।

गांव का कोई जवान नहीं हुआ शहीद
ताजपुर में सुनील से पहले कोई जवान शहीद नहीं हुआ। गांव के सुनील भारद्वाज के शहीद हो जाने की सूचना जैसे ही गांव में पहुंची तो ग्रामीणों ने उसके संस्कार की तैयारी शुरू कर दी थी। ग्रामीणों ने सुनील के अंतिम संस्कार पर भीड़ को देखते हुए जहां गांव के देवी मंदिर के नजदीक ही प्रतिमा स्थापित करने के स्थान पर ही उसका अंतिम संस्कार करवाया गया।
 

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