Edited By Manisha rana, Updated: 08 Jan, 2026 10:57 AM

बीके अस्पताल में 6 माह से बंद पड़े मेडिटीना हार्ट सेंटर पर हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने 10 लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
फरीदाबाद : बीके अस्पताल में 6 माह से बंद पड़े मेडिटीना हार्ट सेंटर पर हरियाणा के स्वास्थ्य विभाग ने 10 लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। इतना ही नहीं मेडिटीना हॉस्पिटल ग्रुप के चेयरमेन को 15 जनवरी 2026 तक बीके अस्पताल में तीसरी मंजिल पर स्थापित हार्ट सेंटर का संचालन पुनः करने के निर्देश दिए हैं।
यदि ऐसा नहीं होता तो हार्ट सेंटर संचालन कर रही मेडिटीना हॉस्पिटल ग्रुप का टेंडर खारिज कर दिया जाएगा। फरीदाबाद के सीएमओ डॉ. जयंत आहूजा ने नवोदय टाइम्स से बात करते हुए कहा कि अप्रैल 2018 से हरियाणा के फरीदाबाद, पंचकुला, अम्बाला और गुरुग्राम में केरल का मेडिटीना हॉस्पिटल ग्रुप सरकारी अस्पतालों में प्राइस्ट पब्लिक पार्टनशिप पर हार्ट सेंटर का संचालन कर रहा है। लेकिन जून 2025 से फरीदाबाद का हार्ट सेंटर अनियमित्ताओं के चलते बंद चल रहा है। जिससे फरीदाबाद, पलवल और आसपास के जिलों व ग्रामीण क्षेत्र के जरूरतमंद दिल के मरीजों को दिल की बीमारी का इलाज नहीं मिल पा रहा है। जिसके चलते स्वास्थ्य विभाग के डीजीएचएस ने जाट सेंटर संचालन करने वाली कंपनी पर 25 जून 2025 से 5 हजार रुपए प्रतिदिन के हिसाब से 10 लाख 40 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
वहीं हार्ट सेंटर के चेयरमेन डॉ. एन प्रथाप कुमार का कहना है कि वह फरीदाबाद का हार्ट सेंटर संचालित करना चाहते हैं लेकिन सरकार के नुमाईदे इसका संचालन नहीं होने दे रही हैं। उनका कहना है कि कुछ झूठी शिकायतों के जरिए हार्ट सेंटर में कभी एसीबी का छापा पड़वाते हैं तो कभी पीएनडीटी एक्ट के तहत छापा डलवा रहे हैं। ऐसे माहौल में कैसे काम किया जाए। जबकि वह सरकार द्वारा तय किए गए अनुबंध की शर्तों के हिसाब से काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पूरे भारत में कोई भी अस्पताल ऐसा नहीं है की 49 हजार रुपए में दिल के मरीज की संजरी कर सिंगल स्टंट डाल रहा हो। लेकिन मेडिटीना हार्ट सेंटर में ऐसा किया जा रहा था। इसमें गरीबों को फायदा हो रहा था लेकिन कुछ लोगों ने निजी अस्पतालों को लाभ पहुंचाने की नियत से सरकारी हार्ट सेंटर को झूठी शिकायतें करके बदनाम किया और बंद करवाया।
कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से मिले हार्ट सेंटर के चेयरमैनः पिछले दिनों मेडिटीना हॉस्पिटल ग्रुप के चेयरमेन डॉ एन प्रथाप कुमार हरियाणा सरकार के कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल से मिलने फरीदाबाद आए थे। उन्होंने मंत्री जी से मिलकर हार्ट सेंटर बंद होने के कारणों और संचालन करने में आ रही बाधाओं के बारे में जानकारी दी।
वर्तमान में यह है हालातः यह हालात तब है जब फरीदाबाद, पलवल और आसपास के जिलों से आने वाले दिल के सैकड़ों मरीजों को फरीदाबाद के सबसे बड़े जिला अस्पताल बादशाह खान में प्राइवेट पब्लिक पार्टनशिप के तहत दिल के मरीजों को आईपीडी सेकाएं तो दूर ओपीडी सेवाएं तक नहीं मिल रही हैं। इससे मरीज मायूस होकर लौट रहे हैं। जबकि पूर्व में हार्ट सेंटर में हर माह करीब 35 एंजियोप्लास्टी और करीब 50 एंजियोग्राफी हो रही यो वहीं लोगों ने बड़खल विधानसभा और एनआईटी विधानसभा के विधायक धनेश अदलखा पर ध्यान नहीं देने का आरोप लगाया है। फरीदाबाद से केन्द्र में एक राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर, हरियाणा सरकार मैं नगरीय विकास मंत्री विपुल गोयल और खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर भी फरीदाबाद से ही हैं। इतने मंत्रियों के होने के बावजूद फरीदाबाद और पलवल के दिल के मरीजों को पिछले छह माह से दिल की बीमारी के इलाज के लिए दर-दर की ठोकरें खानी पड़ रही है।
मरीजों से पैसे ऐंठने और इम्प्लांट रियूज करने के थे आरोपः फरीदाबाद के बादशाह खान अस्पताल के तीसरी मंजिल पर चल रहे मेडीटीना हार्ट सेंटर वर्ष 2022 में आयुष्मान कार्ड में फ वादा कर मरीजों से कैश भुगतान उता लेने और सरकार में भी पैसा उठाने के आरोप लगे थे। जिसके बाद प्रबंधन की जांच में करीब दो दर्जन के इस तरह के पाए गए और 12 लाख की पखचड़ी के आरोप में हाईवेटर के पूर्व प्रमुख समेत फर्जी आयुष्मान कार्ड बनाने वाले चार कर्मचारियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद से ही हार्ट सेंटर की मुश्कीले बढ़ती चली गई। नवम्बर 2022 में हार्ट सेंटर पर झज्जर की पीएनडीटी टीम ने ईको मशीन द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच करने के फर्जी मामले में कार्रवाई की और हार्ट सेंटर की ईको मशीन को सील कर दिया गया। मामले की जांच दो साल साल तक चलती रही। इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद ईको मशीन को दोबारा शुरू किया गया। लेकिन इसके कुछ माह बाद ही हार्ट सेंटर के खिलाफ हुई शिकायत के बाद एसीबी ने फर्जी आयुष्मान कार्ड मामले में फिर से कार्रवाई करते हुए पुराने इम्प्लांट रियूज करने का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी और हार्ट सेंटर से कई उपकरण और दस्तावेज एसीबी की टीम लेकर चली गई।
रेप और छेड़छाड़ के आरोप में फंसे तीन अधिकारी; 8 माह पहले शहर के जिला अस्पताल बादशाह खान में तीसरी मंजिल पर चल रहे मेडिटीना हार्ट सेंटर में एक पूर्व चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी ने हार्ट सेंटर के लीलग सेल के कर्मचारी पीयूष पर रेप, प्रबंधक मनदीप और अजय शमी पर छेड़छाड़ कर संबंध बनाने के लिए प्रयास करने के आरोपों में मुकदमा दर्ज किया था।