सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों को अपनी पसंद के प्राइवेट स्कूल में मिलेगा एडमिशन

Edited By Vivek Rai, Updated: 02 Jul, 2022 06:39 PM

students of government schools will get admission in private schools

सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अब अपनी पसंद के प्राइवेट स्कूल में एडमिशन मिल सकेगा। शिक्षा विभाग ने तय किया है कि दाखिले के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का एडमिशन ड्रा सिस्टम के जरिये होगा। ऐसा केवल उन्हीं स्कूलों में होगा, जहां...

चंडीगढ़(चंद्रशेखर धरणी): सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे विद्यार्थियों को अब अपनी पसंद के प्राइवेट स्कूल में एडमिशन मिल सकेगा। शिक्षा विभाग ने तय किया है कि दाखिले के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का एडमिशन ड्रा सिस्टम के जरिये होगा। ऐसा केवल उन्हीं स्कूलों में होगा, जहां खाली सीटों से अधिक आवेदन आते हैं। ऐसे स्कूलों में 11 जुलाई को अभिभावकों की मौजूदगी में ड्रा निकाला जाएगा। फिर 12 से 21 तक दाखिले की प्रक्रिया चलेगी।

दाखिले के लिए 8 जुलाई तक आवेदन कर सकते हैं छात्र

शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत उन्हें मुफ्त पढ़ाया जाएगा। यह सुविधा सरकारी स्कूलों में पढ़ रहे दूसरी से 12वीं तक के बच्चों को मिलेगी। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को मुफ्त शिक्षा का प्रावधान शिक्षा का अधिकार अधिनियम में किया गया है। ऐसे में प्राइवेट स्कूलों में एडमिशन के लिए पहली से आठ जुलाई तक आवेदन किए जा सकेंगे। राज्य में 381 स्कूलों ने खुद ही पहल करते हुए ‘चिराग’ यानी समान शिक्षा राहत सहायता एवं अनुदान योजना के तहत गरीब बच्चों को दाखिला देने की पेशकश की है। सफल छात्रों की सूची विद्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगेगी। मुख्य सूची में सफल छात्रों द्वारा निर्धारित तिथि तक दाखिला न लेने पर उनकी रिक्त सीटों पर प्रतीक्षा सूची के छात्रों के दाखिले 22 से 27 जुलाई तक किए जाएंगे।

1 लाख 80 हजार के कम सालाना आय होना है जरूरी

गरीब परिवारों के बच्चों के लिए शुरू की गई चिराग योजना में केवल उन्हीं परिवारों के बच्चों को दाखिला मिलेगा, जिनकी सालाना आय 1 लाख 80 हजार रुपये से कम है। इसके लिए परिवारों को स्वघोषित शपथ-पत्र में बताना होगा कि उनकी आय कितनी है। इतना ही नहीं, ऐसे परिवारों का परिवार पहचान-पत्र होना अनिवार्य है। सरकार आय का वेरिफिकेशन पीपीपी में दर्ज इन्कम से करेगी। संबंधित स्कूल छात्र को दाखिले के बाद रसीद भी अवश्य देगा। दाखिले के लिए छात्र का पिछले सरकारी विद्यालय का स्कूल लीविंग सर्टिफिकेट (एसएलसी) लेना अनिवार्य है। 

प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों को नहीं मिलेगा योजना का लाभ

स्कूलों द्वारा दाखिला देने के दो दिन के अंदर एमआईएस पोर्टल पर डाटा अपडेट करते हुए दाखिला लेने वाले छात्रों की जानकारी एक सप्ताह के भीतर शिक्षा निदेशक व मौलिक शिक्षा निदेशक को भेजनी होगी। इन स्कूलों ने कक्षावार खाली सीटों का ब्यौरा भी पोर्टल पर अपलोड कर दिया है। स्कूल शिक्षा निदेशालय की ओर से जिला शिक्षा व मौलिक शिक्षा अधिकारियों को जारी की गई गाइडलाइन में स्पष्ट किया गया है कि प्राइवेट स्कूलों में केवल वहीं विद्यार्थी दाखिला ले सकेंगे, जिन्होंने पिछली कक्षा सरकारी स्कूल से पास की होगी। यानी पहले से ही किसी प्राइवेट स्कूल में पढ़ रहे विद्यार्थियों को इस योजना में कवर नहीं किया जाएगा। 

गाइड लाइन के अनुसार, विद्यार्थियों को उन्हीं खड़ों के मान्यता प्राप्त स्कूलों में आवेदन करने की अनुमति रहेगी, जिस खंड के सरकारी स्कूल में वे वर्तमान में पढ़ रहे हैं। विद्यार्थियों के पास संबंधित एरिया में भी एक से अधिक स्कूलों का विकल्प नहीं होगा। यानी उन्हें केवल एक ही स्कूल में आवेदन करने का मौका मिलेगा। ये 381 प्राइवेट स्कूल खाली सीटों का विवरण स्कूल के सूचना पट्ट/नोटिस बोर्ड पर भी चस्पा करेंगे। 

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