ऊर्जा से श्रम तक बदलाव की बागडोर, अनिल विज का असर हर विभाग में

Edited By Manisha rana, Updated: 18 Jun, 2026 03:47 PM

shifting the reins from energy to labor

हरियाणा सरकार में ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज अपनी स्पष्टवादिता, त्वरित निर्णय क्षमता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं।

चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा सरकार में ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज अपनी स्पष्टवादिता, त्वरित निर्णय क्षमता और जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने वाली कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। लंबे राजनीतिक अनुभव और प्रशासनिक दक्षता के बल पर उन्होंने अपने विभागों में केवल योजनाएं बनाने तक सीमित रहने के बजाय उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया है। यही कारण है कि उनके नेतृत्व में ऊर्जा, परिवहन और श्रम विभागों की कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है।

ऊर्जा विभाग को बनाया अधिक जवाबदेह और आधुनिक

ऊर्जा मंत्री के रूप में अनिल विज ने हरियाणा की बिजली व्यवस्था को अधिक सुदृढ़, पारदर्शी और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने बिजली आपूर्ति से जुड़ी समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए अधिकारियों की जवाबदेही तय की और आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा दिया। प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन, सौर ऊर्जा के विस्तार, ट्रांसफार्मर बदलने की समयबद्ध व्यवस्था तथा बिजली कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम उनके प्रशासनिक दृष्टिकोण को दर्शाते हैं। उनका लक्ष्य ऊर्जा क्षेत्र को आत्मनिर्भर और भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करना है।

परिवहन विभाग में सुविधाओं और सुरक्षा का नया अध्याय

अनिल विज ने परिवहन विभाग में यात्रियों की सुविधा और कर्मचारियों के हितों को समान महत्व दिया है। रोडवेज कर्मचारियों की लंबे समय से लंबित मांगों का समाधान करते हुए उन्होंने पारस्परिक स्थानांतरण जैसी सुविधाओं को मंजूरी दी, जिससे कर्मचारियों में संतोष का वातावरण बना। सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में ई-डार और संजया पोर्टल जैसे तकनीकी नवाचारों को बढ़ावा देकर दुर्घटनाओं की रोकथाम की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं। वहीं दुर्घटना पीड़ितों के लिए कैशलेस उपचार योजना लागू कर मानव जीवन की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।

श्रम विभाग में श्रमिकों को मिली नई पहचान

श्रम मंत्री के रूप में अनिल विज ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास का वास्तविक आधार श्रमिक वर्ग है। उन्होंने श्रमिकों को रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक कार्य वातावरण उपलब्ध कराने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। ‘श्रममित्र’ ऐप के माध्यम से श्रमिकों और नियोक्ताओं को एक डिजिटल मंच पर जोड़ना श्रम क्षेत्र में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। इसके अलावा नए श्रम कानूनों को लागू करने की तैयारियां और आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के लिए किए गए प्रयास श्रमिक हितों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

निर्णय लेने की क्षमता बनी प्रशासनिक पहचान

अनिल विज की सबसे बड़ी विशेषता उनकी निर्णायक कार्यशैली मानी जाती है। वे प्रशासनिक मामलों में त्वरित निर्णय लेने और अधिकारियों से परिणाम सुनिश्चित करने के लिए जाने जाते हैं। यही कारण है कि उनके विभागों में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति तेज हुई है और जवाबदेही की संस्कृति मजबूत हुई है। उनके नेतृत्व में विभागीय कार्यों की नियमित समीक्षा, समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई और जनहित से जुड़े मामलों में संवेदनशील दृष्टिकोण देखने को मिलता है। इससे सरकार और आम नागरिकों के बीच विश्वास भी मजबूत हुआ है।

जनसेवा, सुशासन और विकास का संतुलित मॉडल

ऊर्जा, परिवहन और श्रम जैसे सीधे जनता से जुड़े विभागों का नेतृत्व करते हुए अनिल विज ने यह साबित किया है कि प्रभावी प्रशासन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि परिणामों से पहचाना जाता है। उनके कार्यकाल में विभागीय क्षमताओं को मजबूत करने, तकनीक को बढ़ावा देने, कर्मचारियों के हितों की रक्षा करने और आम जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं। हरियाणा की प्रशासनिक व्यवस्था में अनिल विज का नाम एक ऐसे मंत्री के रूप में उभरकर सामने आया है, जिन्होंने अपने विभागों में अनुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण को केंद्र में रखकर कार्य करने की स्पष्ट छाप छोड़ी है।
 

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