Edited By Isha, Updated: 23 May, 2026 07:45 PM

हरियाणा की बीजेपी सरकार और हरियाणा के शिक्षा मंत्री सरकारी स्कूलों की बेहतर व्यवस्था के लाख दावे करती हो लेकिन हरियाणा के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत मंत्री दावों से बिल्कुल परे है।ऐसा हम
पानीपत (सचिन): हरियाणा की बीजेपी सरकार और हरियाणा के शिक्षा मंत्री सरकारी स्कूलों की बेहतर व्यवस्था के लाख दावे करती हो लेकिन हरियाणा के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत मंत्री दावों से बिल्कुल परे है।ऐसा हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत रजापुर गांव के सरकारी स्कूल में ना तो पीने का पानी है,ना स्कूल की चारदीवारी है और ना ही सेफ्टी और सुरक्षा है।

इतना ही नहीं स्कूल में बने लक्जरी बाथरूमो पर ताले लटके हुए है,छात्रों को सड़क क्रॉस कर स्कूल के।दूसरे भवन में जाना पड़ता है जिसकी वजह से आये दिन छात्रों के साथ हादसों का डर बना रहता है।वहीं स्कूल की सेफ्टी और सुरक्षा की बात की जाए तो स्कूल में ना तो गेट लगा है और ना स्कूल की चारदीवारी है आलम ये है कि स्कूल आवारा पशु, आवारा युवक घुसे रहते है जिसकी वजह से छात्राओं को असहज महसूस होता है जिसकी वजह से गांव में एक कमेटी बनाई गई है जो स्कूल टाइम में पहरा देती है ताकि बच्चे सुरक्षित रहकर पढ़ाई कर सके।हैरानी की बात है कि इस गांव को शिक्षा मंत्री ने गोद ले रखा है।
अध्यापिका सितारानी ने बताया कि स्कूल में सबसे बड़ी समस्या स्कूल की चार दिवारी है,जिसकी बजह से छात्रों को असुरक्षित महसूस होता है,उन्होंने बताया कि चारदीवारी ना होने की वजह से स्कूल में बने बाथरूम भी बंद पड़े हैं वहीं चारदीवारी ना होने की वजह आवारा पशुओं और आवारा लोगों का आना जाना लगा रहता है,वहीं ग्रामीण भी यही से अपने वाहनों से आते जाते रहते हैं। अध्यापिका ने कहा कि जिस स्कूल में चार दिवारी ना हो वह स्कूल की सबसे बड़ी कमजोरी है।अध्यापिका ने बताया कि स्कूल की जमीनी पर अवैध कब्जा किया गया है जिसकी बजह से ये समस्या बनी हुई है उन्होंने कहा कि इस बारे में प्रदेश की शिक्षा मंत्री को प्रिंसिपल और गांव के सरपंच ने कई बार शिकायत दी है लेकिन कुछ काम नहीं हो पा रहा। अध्यापिका ने बताया कि स्कूल में कमरों की भी कमी है जिसकी वजह से एक ही क्लास रूम में दो-दो कक्षाओं को पढ़ना पड़ता है वहीं कुछ छात्रों की क्लास बरामदे में लगाई जाती है जहां पर पंखे की व्यवस्था भी नहीं है।
वहीं ग्रामीण गुरमुख ने बताया कि पिछले 2 साल से स्कूल में भारी समस्याएं बनी हुई है उन्होंने बताया कि स्कूल की भूमि पर कब्जा किया गया है जिसकी वजह से स्कूल की बाउंड्रीवाल नहीं बन पा रही है । जिसकी वजह से छात्र तमाम व्यवस्थाओं से वंचित है। स्कूल में बाउंड्री वॉल ना होने की वजह से स्कूल में तारबंदी की गई है ताकि स्कूल क्लास में आवारा पशु ना घुस सके। गुरमुख ने बताया कि पूरा स्कूल चारों तरफ से खुला पड़ा है जिसकी वजह से आवारा पशु आवारा व्यक्ति यहां खुशी रहते हैं और लोग अपनी पर्सनल चीज भी यही खड़ी कर देते हैं। गुरमुख ने बताया कि इस बारे में कई बार शिकायत की गई जिसके बाद मामला एसडीएम की कोर्ट में पहुंचा इसके बाद कोर्ट ने स्कूल के हक में फैसला दिया लेकिन बावजूद उसके स्कूल में कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि कई बार स्कूल में ड्यूटी मजिस्ट्रेट मौके का महीना करने पहुंचे लेकिन प्रशासन की कमियों की वजह से कोई भी समस्या का समाधान नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि दिनभर छात्र पानी पीने और बाथरूम करने के लिए सड़क को क्रॉस करते रहते हैं जिसकी वजह से कोई भी हादसा हो सकता है और बात स्कूल के अध्यापक और प्रिंसिपल पर आ सकती है।
छात्र भावना ने बताया कि स्कूल में बाउंड्री बोल ना होने की वजह से बाथरूम नहीं खुल पा रहे हैं और स्कूल में बाउंड्री बोल ना होने की वजह से आवारा युवक यहां आ सकते हैं उन्होंने बताया कि ना यहां खेलकूद हो पा रही है और उन्हें जब पानी या बाथरूम के लिए जाना होता है तो रोड क्रॉस करके दूसरे स्कूल के भवन में जाना पड़ता है।जिसकी वजह से उन्हें काफी इन सिक्योरिटी फुल होती है और ना ही पढ़ाई प्रॉपर तरीके से हो पाती है। स्कूली छात्राओं ने पानीपत जिले के शिक्षा अधिकारी और शिक्षा मंत्री से जल्द से जल्द इन समस्याओं के समाधान करने की अपील की है।