Edited By Harman, Updated: 28 Apr, 2026 06:47 PM

जानकारी के अनुसार, नहेदा गांव निवासी 40 वर्षीय रहीस पुत्र कुर्शीद खेतों में बकरी चराने गया हुआ था। इसी दौरान खेत में बने एक कुएं में बकरी का एक बच्चा गिर गया। मासूम जानवर को तड़पता देख रहीस से रहा नहीं गया और वह उसे बचाने के लिए बिना अपनी परवाह किए...
नूंह (अनिल मोहनिया) : नहेदा गांव से एक बेहद दर्दनाक और दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है, जहां इंसानियत और दया की मिसाल बने एक व्यक्ति ने बकरी के बच्चे को बचाने के प्रयास में अपनी जान गंवा दी।
जहरीली गैस ने छीन ली जिंदगी
जानकारी के अनुसार, नहेदा गांव निवासी 40 वर्षीय रहीस पुत्र कुर्शीद खेतों में बकरी चराने गया हुआ था। इसी दौरान खेत में बने एक कुएं में बकरी का एक बच्चा गिर गया। मासूम जानवर को तड़पता देख रहीस से रहा नहीं गया और वह उसे बचाने के लिए बिना अपनी परवाह किए कुएं में उतर गया। बताया जा रहा है कि यह कुआं काफी समय से बंद पड़ा था, जिसके कारण उसमें जहरीली गैस भर चुकी थी। जैसे ही रहीस नीचे पहुंचा, गैस की चपेट में आ गया और दम घुटने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। काफी देर तक जब रहीस बाहर नहीं आया तो आसपास मौजूद लोगों को शक हुआ।
घटना की सूचना मिलते ही गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे और किसी तरह रहीस को कुएं से बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रहीस की मौत की खबर सुनते ही पूरे गांव में मातम छा गया। परिवार में कोहराम मच गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। सबसे दर्दनाक पहलू यह है कि रहीस अपने पीछे 7 छोटे-छोटे बच्चों को छोड़ गया है, जिनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया। मासूम बच्चों की आंखों में आंसू और परिवार की चीख-पुकार ने हर किसी का दिल पिघला दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गांव के लोग रहीस को नेकदिल और मददगार इंसान बता रहे हैं। एक बेजुबान जानवर को बचाने निकला रहीस खुद इस दुनिया से चला गया, पीछे छोड़ गया दर्द, आंसू और कभी न भरने वाला जख्म।