Edited By Isha, Updated: 04 Nov, 2026 02:43 PM

हरियाणा में मकान बनाने के लिए प्लॉट के आकार के अनुसार निर्माण की अलग-अलग सीमाएं तय करने का प्रस्ताव है। इसके तहत मकान के कितने हिस्से में निर्माण हो सकेगा, कितने फ्लोर बनाए जा सकेंगे और
चंडीगढ़: हरियाणा में मकान बनाने के लिए प्लॉट के आकार के अनुसार निर्माण की अलग-अलग सीमाएं तय करने का प्रस्ताव है। इसके तहत मकान के कितने हिस्से में निर्माण हो सकेगा, कितने फ्लोर बनाए जा सकेंगे और कितना अतिरिक्त निर्माण किया जा सकेगा, इसके नियम निर्धारित किए जाएंगे। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने हरियाणा बिल्डिंग कोड-2017 में बदलाव का प्रस्ताव तैयार किया है। इस पर एक दिसंबर तक आम लोगों और संबंधित पक्षों से सुझाव व आपत्तियां मांगी गई हैं।
प्रस्ताव के अनुसार, प्लॉट के आकार के आधार पर पांच श्रेणियां बनाई गई हैं। इनमें 100, 100 से 250, 250 से 350, 350 से 500 और 500 से 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट शामिल हैं। नए प्रस्ताव में 200 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 75 प्रतिशत और इससे बड़े प्लॉट पर 66 प्रतिशत तक जमीन पर निर्माण की अनुमति होगी। मकान ग्राउंड फ्लोर के साथ तीन मंजिल या स्टिल्ट पार्किंग के साथ चार मंजिल का बनाया जा सकेगा। भवन की अधिकतम ऊंचाई 16.5 मीटर होगी। पहले ऊंचाई 15 मीटर निर्धारित थी।
इसके अलावा एक बेसमेंट बनाने की अनुमति देने का प्रस्ताव है। प्रस्ताव के अनुसार 100 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर बेस एफएआर 165 प्रतिशत और अतिरिक्त एफएआर खरीदने के बाद अधिकतम 264 प्रतिशत निर्माण किया जा सकेगा।
100 से 250 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर बेस एफएआर 145 प्रतिशत और अधिकतम 264 प्रतिशत, 250 से 350 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 130 प्रतिशत और अधिकतम 240 प्रतिशत, 350 से 500 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर 120 प्रतिशत और अधिकतम 240 प्रतिशत तथा 500 से 1000 वर्ग मीटर तक के प्लॉट पर बेस एफएआर 100 प्रतिशत और अधिकतम 240 प्रतिशत रखने का प्रस्ताव है।