Edited By Harman, Updated: 05 Nov, 2026 12:12 PM

हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन मतदाताओं का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं।
हरियाणा डेस्क : हरियाणा में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान जिन मतदाताओं का नाम प्रारंभिक मतदाता सूची में शामिल नहीं है, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं। पूर्व में मतदाता सूची में नाम दर्ज होने के बावजूद दोबारा फॉर्म-6 भरने पर किसी प्रकार की कानूनी कारर्वाई नहीं होगी।
हरियाणा के मुख्य चुनाव अधिकारी ए. श्रीनिवास ने बुधवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि चुनाव आयोग ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट कर दी है। यह प्रावधान सभी पात्र नागरिकों पर लागू होगा, चाहे उनका नाम पहले किसी मतदाता सूची में दर्ज रहा हो या नहीं। उन्होंने बताया कि केवल इस आधार पर किसी आवेदक के खिलाफ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 के तहत कारर्वाई नहीं की जाएगी कि उसका नाम पहले मतदाता सूची में शामिल था और उसने एसआईआर के दौरान या उसके बाद फॉर्म-6 भरकर आवेदन किया है। इस संबंध में दिल्ली उच्च न्यायालय ने भी 14 अक्टूबर 2026 को निलोत्पल दत्ता एवं अन्य बनाम भारत चुनाव आयोग मामले में स्थिति स्पष्ट की है।
हालांकि, इसके लिए जरूरी है कि संबंधित मतदाता का नाम किसी अन्य संसदीय या विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में पहले से दर्ज न हो और आवेदन में की गई घोषणा नियमानुसार हो। मुख्य चुनाव अधिकारी ने सभी जिला चुनाव अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस स्पष्टीकरण का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र नागरिकों में किसी प्रकार की भ्रांति या कानूनी कारर्वाई की आशंका न रहे। उन्होंने कहा कि जिन पात्र मतदाताओं के नाम एसआईआर की अंतिम सूची में शामिल नहीं हो पाते, वे अंतिम सूची के प्रकाशन के बाद आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार विशेष अभियान या मतदाता सूची के निरंतर अद्यतन के दौरान फॉर्म-6 जमा कर सकते हैं।