Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 02 May, 2026 12:36 PM

अगर आपके मोबाइल पर भी आज अचानक तेज बीप बजने लगी और इमरजेंसी का एक मैसेज फ्लैश होने लगा तो यह घबराने की बात नहीं है। बल्कि यह नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट द्वारा की जा रही इमरजेंसी अलार्म की टेस्टिंग है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): अगर आपके मोबाइल पर भी आज अचानक तेज बीप बजने लगी और इमरजेंसी का एक मैसेज फ्लैश होने लगा तो यह घबराने की बात नहीं है। बल्कि यह नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट द्वारा की जा रही इमरजेंसी अलार्म की टेस्टिंग है। इस दौरान किसी को भी पेनिक होने की आवश्यकता नहीं है। आज सुबह 10 बजे के बाद से ही लगातार एक के बाद एक मोबाइल पर इस तरह के मैसेज आने लगे और इस मैसेज में भारत सरकार की स्वदेशी तकनीक की टेस्टिंग किए जाने के बारे में सूचना दी गई। इस मैसेज के बारे में एक दिन पहले ही लोगों को SMS के जरिए सूचना दी गई थी ताकि कोई भी पेनिक न हो और सरकार इसका सफल परीक्षण कर ले। अधिकारियों की मानें तो इस इमरजेंसी मैसेज को एक साथ करोड़ों मोबाइल पर भेजा गया ताकि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को अलर्ट किया जा सके।
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आपको बता दें कि इस पहल को दूरसंचार विभाग (Department of Telecommunications - DoT) और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) मिलकर चला रहे हैं। इसके लिए एक खास डिजिटल प्लेटफॉर्म ‘SACHET’ का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसे सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने तैयार किया है। यह सिस्टम “Cell Broadcast Technology” पर काम करता है। इसका मतलब यह है कि संदेश किसी एक व्यक्ति या नंबर पर नहीं भेजा जाता, बल्कि एक साथ किसी खास इलाके में मौजूद सभी मोबाइल फोन तक पहुंच जाता है।
इस तकनीक का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आपदा के समय जब नेटवर्क पर बहुत ज्यादा दबाव होता है, तब भी यह अलर्ट बिना देरी के लोगों तक पहुंच जाता है। इस सिस्टम का उपयोग भूकंप, सुनामी, बिजली गिरने, गैस लीक, बाढ़ या किसी अन्य गंभीर आपात स्थिति में लोगों को पहले से सतर्क करने के लिए किया जाएगा।