Edited By Isha, Updated: 18 Jan, 2026 02:01 PM

पंजाब में मान सरकार द्वारा देश के अग्रणी और नामी मीडिया संस्थान पंजाब केसरी ग्रुप पर की गई छापेमारी से देश भर के राजनीतिक, सामाजिक, मीडिया जगत और बुद्धिजीवी वर्ग में रोष व्याप्त है। जिसकी हर जगह कड़ी निंदा की जा रही है।
चंडीगढ़(चन्द्र शेखर धरणी ): पंजाब में मान सरकार द्वारा देश के अग्रणी और नामी मीडिया संस्थान पंजाब केसरी ग्रुप पर की गई छापेमारी से देश भर के राजनीतिक, सामाजिक, मीडिया जगत और बुद्धिजीवी वर्ग में रोष व्याप्त है। जिसकी हर जगह कड़ी निंदा की जा रही है।
इसी कड़ी में उत्तर भारत की मीडिया वेलबिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर धरनी व प्रदेश प्रवक्ता पवन चोपड़ा ने भी कड़ी निंदा करते हुए इसे लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब केसरी देश ही नही विदेश में भी कई दशकों से पत्रकारता जगत का जहां अहम हिस्सा है।
वहीं अपनी कलम के जरिए समाज के हर वर्ग के लिए प्रहरी की भांति अग्रणी पंक्ति में खड़ा है। ऐसे में पंजाब सरकार द्वारा की गई है कार्रवाई पूर्णतया निषेध है। धरणी ने कहा कि पंजाब केसरी ग्रुप ने आपातकाल के दौरान भी तत्कालीन सरकार के समक्ष घुटने नहीं टेके थे। जब पंजाब केसरी कार्यालय की बिजली तक काट दी गई थी तब भी उन्होंने बिना डरे पूरी निडरता से अपना दायित्व निभा अखबार छाप पत्रकारिता की मशाल को को जलाए रखा था। उन्होंने कहा कि मीडिया संस्थान का काम हमेशा से समाज और देश को जागने का होता है।
धरणी ने कहा कि जिस प्रकार से भारतवर्ष दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है। इसी प्रकार से भारतीय लोकतंत्र के चार स्तंभ न्यायपालिका, कार्यपालिका, विधान पालिका और मीडिया चौथा स्तंभ माना जाता है जिसके बिना स्वच्छ लोकतंत्र की परिकल्प परिकल्पना भी नहीं की जा सकती।