Edited By Isha, Updated: 14 Apr, 2026 01:11 PM

हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में पत्थर क्रशिंग उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने अटेला और नांगल चौधरी सब-डिवीजन में चल रहे 500 से अधिक स्टोन क्रशरों के खिलाफ
नारनौल: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले में पत्थर क्रशिंग उद्योग पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) ने अटेला और नांगल चौधरी सब-डिवीजन में चल रहे 500 से अधिक स्टोन क्रशरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इन इकाइयों पर बिजली बिल का 100 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया है, जिसे वसूलने के लिए विभाग अब सख्त कार्रवाई की तैयारी में है।
कुर्की और नीलामी की चेतावनी
बिजली निगम के उच्चाधिकारियों के अनुसार, बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद क्रशर मालिकों ने बकाया राशि जमा नहीं कराई है। अब विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन उपभोक्ताओं का बकाया 1 लाख रुपये से अधिक है, उनके न केवल कनेक्शन काटे जाएंगे, बल्कि उनकी संपत्ति कुर्क और नीलाम करने की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है।
निर्माण सामग्री महंगी होने के आसार
यदि विभाग इन 500 क्रशरों के कनेक्शन काटता है, तो बाजार में रोड़ी, डस्ट और बजरी की भारी किल्लत हो सकती है। इसका सीधा असर निर्माण कार्यों पर पड़ेगा और मकान बनाना महंगा हो जाएगा। वहीं, इस उद्योग से जुड़े हजारों श्रमिकों और ट्रक ऑपरेटरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो सकता है।
क्रशर मालिकों की दलील
दूसरी ओर, क्रशर एसोसिएशन का कहना है कि एनजीटी के कड़े नियमों, माइनिंग पर पाबंदी और आर्थिक मंदी के कारण यह उद्योग पहले ही घाटे में चल रहा है। मालिकों ने सरकार से मांग की है कि बिजली बिलों पर लगे भारी सरचार्ज को माफ किया जाए और मूल राशि को आसान किस्तों में जमा करने की सुविधा दी जाए।