Edited By Manisha rana, Updated: 12 Jun, 2026 08:52 PM

हरियाणा सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विकास की दिशा बदलने वाली महत्वाकांक्षी योजना लेकर आ रही है। 16 जून को होने वाली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में राज्य सरकार रीजनल प्लान-2041 के तहत कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर...
चंडीगढ़ (धरणी) : हरियाणा सरकार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के विकास की दिशा बदलने वाली महत्वाकांक्षी योजना लेकर आ रही है। 16 जून को होने वाली एनसीआर प्लानिंग बोर्ड की बैठक में राज्य सरकार रीजनल प्लान-2041 के तहत कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे कॉरिडोर को ‘सेंट्रल एनसीआर’ का दर्जा देने का प्रस्ताव रखेगी। सरकार इस 135 किलोमीटर लंबे क्षेत्र को भविष्य के सबसे बड़े आर्थिक और शहरी विकास केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है।
सरकार की योजना के अनुसार केएमपी और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे के आसपास पांच किलोमीटर तक के क्षेत्र को सेंट्रल एनसीआर की श्रेणी में शामिल किया जाएगा। इसे ‘गोल्डन रिंग ऑफ अपॉर्च्युनिटी’ के रूप में विकसित करने की परिकल्पना की गई है, जहां उद्योग, आवास, परिवहन और रोजगार के नए अवसर एक साथ विकसित होंगे। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत ‘पंचग्राम परियोजना’ शुरू करने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत करीब 2.5 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में पांच नए ग्रीनफील्ड शहर बसाए जाएंगे। इन शहरों में आधुनिक औद्योगिक हब, आवासीय टाउनशिप, वाणिज्यिक केंद्र और विश्वस्तरीय शहरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
योजना के अनुसार केएमपी एक्सप्रेसवे के दोनों ओर 2 से 6 किलोमीटर तक के क्षेत्र में सुनियोजित विकास किया जाएगा। इसके लिए विशेष ‘पंचग्राम विकास प्राधिकरण’ गठित करने का भी प्रस्ताव है, जो पूरे कॉरिडोर के विकास, नियोजन और निगरानी का कार्य करेगा। हरियाणा सरकार ने दिल्ली-मुंबई इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (डीएमआईसी) से जुड़े मानेसर-बावल निवेश क्षेत्र को भी इस योजना का प्रमुख हिस्सा बनाया है। इससे गुरुग्राम, मानेसर, बावल और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश आकर्षित होने की उम्मीद है, जिसके परिणामस्वरूप रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
परिवहन नेटवर्क को मजबूत बनाने के लिए केएमपी कॉरिडोर में अत्याधुनिक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट हब विकसित किए जाएंगे। पंचगांव चौक (मानेसर) को दिल्ली-अलवर आरआरटीएस, गुरुग्राम-मानेसर मेट्रो और झज्जर-पलवल रेल लाइन से जोड़कर क्षेत्रीय परिवहन का प्रमुख केंद्र बनाया जाएगा। वहीं खेडकी दौला में आरआरटीएस, मेट्रो और बस सेवाओं का एकीकृत ट्रांजिट हब विकसित करने की योजना है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रस्ताव मंजूर होता है तो दिल्ली पर बढ़ते शहरी दबाव को कम करने के साथ-साथ हरियाणा को एनसीआर के सबसे बड़े निवेश और रोजगार केंद्र के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।