Edited By Deepak Kumar, Updated: 23 Nov, 2025 12:46 PM

61 मामलों में वांछित दलजीत सिहाग के खिलाफ की गई कार्रवाई पर जींद की कंडेला और माजरा खाप ने कड़ा विरोध जताया है। खापों का कहना है कि पुलिस ने एक सामाजिक कार्यकर्ता को गैंगस्टर बताकर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है।
हरियाणा डेस्कः हरियाणा में हांसी पुलिस द्वारा हत्या प्रयास, फिरौती और लूटपाट जैसे 61 मामलों में वांछित दलजीत सिहाग के खिलाफ की गई कार्रवाई पर जींद की कंडेला और माजरा खाप ने कड़ा विरोध जताया है। खापों का कहना है कि पुलिस ने एक सामाजिक कार्यकर्ता को गैंगस्टर बताकर बाजार में पैदल मार्च निकालकर उसकी छवि खराब करने की कोशिश की है।
खापों का आरोप: सरकार के इशारे पर फंसाया गया
कंडेला खाप के प्रधान ओमप्रकाश कंडेला और माजरा खाप के प्रधान गुरविंद्र सिंह संधू ने कहा कि दलजीत सिहाग लंबे समय से सामाजिक कार्यों जैसे रक्तदान शिविर, पौधारोपण, गरीब बेटियों की शिक्षा में सक्रिय रहे हैं। खाप प्रधानों ने कहा कि जाट आरक्षण आंदोलन में भी सिहाग की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी और हिसार में कोई भी उन्हें गलत नहीं बता सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें झूठे केसों में फंसाकर जेल भेजा, जिनमें से कई मामले अदालत द्वारा रद्द भी किए जा चुके हैं। खापों का कहना है कि ऐसे व्यक्ति को गैंगस्टर बताना और बाजार में घुमाना पूरी तरह गलत है। उन्होंने दावा किया कि यह सरकार की सोची-समझी रणनीति है।
पुलिस का पक्ष: अपराधियों के खिलाफ जागरूकता
हांसी पुलिस ने बताया कि दलजीत सिहाग को झज्जर जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर गिरफ्तार किया गया था। अदालत से एक दिन का रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने उन्हें हथियारबंद पुलिस बल के साथ शहर के बाजारों में पैदल घुमाया। पुलिस का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य जनता को अपराधियों की हकीकत दिखाना और समाज में अपराध के प्रति भयमुक्त वातावरण बनाना था। पुलिस के अनुसार इससे युवा अपराधियों की राह पर चलने से बचते हैं। इस दौरान CIA इंचार्ज प्रदीप, थाना प्रभारी सुमेर सिंह सहित पुलिस टीम मौजूद रही।
DGP से निष्पक्ष जांच की मांग
दोनों खापों ने हरियाणा के DGP ओ.पी. सिंह से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।