अब सड़क सुरक्षा को नई दिशा देगा हरियाणा पुलिस का ये APP, जानिए कैसे होगा फायदेमंद?

Edited By Manisha rana, Updated: 16 Jan, 2026 09:03 AM

this app from haryana police will now give a new direction to road safety

हरियाणा पुलिस सड़क सुरक्षा और एमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक परिवर्तनकारी पहल शुरू कर रही है।

चंडीगढ़ : हरियाणा पुलिस सड़क सुरक्षा और एमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक परिवर्तनकारी पहल शुरू कर रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आई.आई.टी.) मद्रास के सहयोग से विकसित संजया एप तथा बेसलाइन सर्वे ऐप की सहायता से अब सड़क दुर्घटनाओं का विश्लेषण, अस्पतालों की कार्यकुशलता, गोल्डन ऑवर के भीतर उपचार उपलब्धता और ब्लैक स्पॉट सुधार की प्रक्रिया एकीकृत डिजीटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी। यह पहल सडक सुरक्षा को लेकर राज्य में एक नई कार्यप्रणाली स्थापित करेगी, जिसमें डेटा और तकनीक दोनों का उपयोग तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा।

ब्लैक स्पॉट की पहचान : वैज्ञानिक विश्लेषण

आई. आई.टी. मद्रास द्वारा विकसित संजया ऐप के माध्यम से हाई फ्रीक्वेंसी एक्सीडेंट जोन और उभरते ब्लैक स्पॉट का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। यह ऐप इर्ड प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध दुर्घटना डेटा का उपयोग करते हुए उन स्थानों को दर्शाता है जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक होती है। इस तकनीक को अपनाने के लिए सभी जिलों को लॉगिन क्रेडेंशियल उपलब्ध करवाए जा चुके हैं और आई.आई.टी. मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटना संभावित क्षेत्र की पहचान और सुधार की कार्रवाई पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक होगी।

गोल्डन ऑवर में त्वरित चिकित्सा, पूरी प्रक्रिया होगी मॉनीटर

हरियाणा पुलिस और आई.आई.टी. मद्रास द्वारा मिल कर तैयार की गई बेसलाइल सर्वे ऐप के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1009 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। यह ऐप अस्पतालों की रियल टाइम क्षमताओं जैसे ट्रॉमा केयर, विशेषज्ञ डाक्टर, ब्लड बैंक की उपलब्धता और एम्बुलेंस मूवमैंट को अपडेट रखने का माध्यम बनेगा। हरियाणा पुलिस ने अस्पतालों की कार्यकुशलता को भी इस प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रत्येक अस्पताल का आंकलन उनके द्वारा दिए गए उपचार और घायल व्यक्ति के सर्वाइवल रेट के आधार पर किया जाएगा। जिन अस्पतालों में बेहतर उपचार उपलब्ध होगा उन्हें उच्च रेटिंग दी जाएगा, वहीं जहां लापरवाही या उपचार में देरी पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह रेटिंग प्रणाली अस्पतालों को प्रतिस्पर्धी और उत्तरदायी बनाएगी तथा सडक्र दुर्घटना पीडितों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी। यह ऐप सडक्र सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं को एक मंच पर जोड़ने का काम करेगा। इस ऐप पर राष्ट्रीय राजमार्ग, राज्य राजमार्ग और जिला सडक़ों का पूरा नैटवर्क डिजिटल मैप के रूप में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही सभी अस्पतालों, एम्बुलैंस यूनिट्स, ब्लड बैंकों और ट्रॉमा सेंटर्स का डेटा भी इसमें जोड़ा गया है।

डी.जी.पी. अजय सिंघल का विजन, सुरक्षित व तकनीक पर आधारित

डी. जी.पी. अजय सिंघल ने विजन 2026 का विस्तृत खाका प्रस्तुत करते हुए बताया कि हरियाणा पुलिस सडक सुरक्षा को अपनी प्राथमिक जिम्मेदारी मानते हुए इसे मिशन मोड में लागू करेंगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्य केवल दुर्घटनाओं को कम करना नहीं, बल्कि राज्य में सडक़ दुर्घटना मृत्यु दर को काम करना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 तक हरियाणा में एक ऐसा तंत्र स्थापित किया जाएगा जिसमें दुर्घटना की सूचना मिलते ही जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। 

उन्होंने कहा कि हमारा विजन सडक्र इंजीनियरिंग, एन्फोर्समैट, इमरजेंसी मैडीकल रिस्पांस और जन-जागरूकता इन चारों स्तंभों को आपस में समन्वयित करते हुए एक मजबूत और सतत प्रणाली लागू करना है। उन्होंने कहा कि संजया ऐप जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म इस विजन का मुख्य आधार हैं, जिनके माध्यम से डेटा आधारित निर्णय, तेज प्रतिक्रिया और जवाबदेही को सुनिश्चित किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि हरियाणा सड़क सुरक्षा के मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर सके।

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