Edited By Krishan Rana, Updated: 06 Apr, 2026 09:47 PM

झज्जर के रहने वाले “आईआईटी बाबा” के नाम से चर्चित अभय सिंह अब वैवाहिक जीवन में प्रवेश
झज्जर (दिनेश मेहरा) : झज्जर के रहने वाले “आईआईटी बाबा” के नाम से चर्चित अभय सिंह अब वैवाहिक जीवन में प्रवेश कर चुके हैं। हाल ही में यह खुलासा हुआ कि उन्होंने फरवरी 2026 में कर्नाटक की इंजीनियर प्रतीका के साथ विवाह कर लिया था। शादी के बाद दोनों पहली बार सार्वजनिक रूप से तब नजर आए जब वे झज्जर में अभय के पिता के चैंबर पहुंचे। जानकारी के अनुसार, अभय सिंह और प्रतीका ने 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर हिमाचल प्रदेश स्थित अघंजर महादेव मंदिर में पारंपरिक रीति-रिवाजों से विवाह किया। इसके बाद 19 फरवरी को दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली।
झज्जर पहुंचने पर परिवार और स्थानीय लोगों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद अभय सिंह अपनी पत्नी प्रीतिका के साथ अपने पैतृक गांव सासरौली पहुंचे,जहां पारंपरिक हिंदू रीति-रिवाजों के साथ सभी रस्में निभाई गईं। गांव पहुंचने पर नव दंपति ने सबसे पहले मंदिर में परिवार के साथ पूजा-अर्चना की और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस दौरान पारंपरिक “संटा-संटी” की रस्म भी निभाई गई,जो ग्रामीण संस्कृति का अहम हिस्सा मानी जाती है। इसके बाद दोनों ने अपने माता-पिता और गांव के बुजुर्गों का आशीर्वाद लिया। परिवार ने नई बहू प्रीतिका का पूरे विधि-विधान से स्वागत किया,जिससे घर का माहौल खुशी और उत्साह से भर गया।
कौन है प्रतीका
अभय सिंह की पत्नी प्रतीका कर्नाटक की रहने वाली हैं और पेशे से इंजीनियर हैं। एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया कि उनकी अभय से मुलाकात करीब एक साल पहले हुई थी। उन्होंने कहा, “मुझे उनका स्वभाव बहुत पसंद आया। धीरे-धीरे हमने शादी का निर्णय लिया। हम अब अपने सास-ससुर से मिलने झज्जर आए हैं। हम आगे सनातन यूनिवर्सिटी बनाने का विचार कर रहे हैं।

कौन हैं IIT बाबा
आईआईटी बाबा के नाम से मशहूर अभय सिंह का जन्म हरियाणा के झज्जर जिले में हुआ था। उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई हरियाणा में पूरी की है। 12वीं के बाद उन्होंने आईआईटी जेईई की तैयारी की। साल 2008 में अभय सिंह ने आईआईटी जेईई में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 731 हासिल की। इसके बाद उन्होंने आईआईटी बॉम्बे के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एडमिशन लिया था।
कनाडा में एयरक्राफ्ट बनाने वाली कंपनी में काम किया। लॉकडाउन लगने के बाद वो भारत लौट आए। दावा किया गया कि वो 35 लाख रुपए की सालाना की सैलरी छोड़कर चले आए थे। उनके पिता कर्ण सिंह वकील और मां गृहिणी हैं
महाकुंभ से मिली ‘आईआईटी बाबा’ की पहचान
अभय सिंह लंबे समय तक गुमनाम जीवन जी रहे थे, लेकिन महाकुंभ में भाग लेने के बाद वे अचानक चर्चा में आ गए। जूना अखाड़ा से जुड़े होने और आईआईटी बैकग्राउंड की वजह से उन्हें “आईआईटी बाबा” के नाम से पहचान मिली। मीडिया इंटरव्यू में दिए उनके कई बयानों ने भी उन्हें सुर्खियों में ला दिया।
हालांकि, विवादों के चलते एक समय उन्हें उनके अखाड़े से बाहर भी कर दिया गया था। अभय सिंह के पिता कर्ण सिंह पेशे से वकील हैं, जबकि उनकी मां गृहिणी हैं। शादी के बाद अब अभय अपने पारिवारिक और आध्यात्मिक जीवन के नए चरण की शुरुआत कर चुके हैं।
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