15 सितंबर से धान खरीद शुरू नहीं हुई तो GT रोड पर डालेंगे जीरी, किसान संगठनों ने कुरुक्षेत्र में किया जोरदार प्रदर्शन

Edited By Harman, Updated: 02 Sep, 2026 02:46 PM

if paddy procurement does not begin by september 15 we will dump the paddy on t

धान की खरीद जल्द शुरू करवाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को किसान संगठनों ने कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह सहित अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रोष मार्च निकालकर...

कुरुक्षेत्र (कपिल शर्मा) : धान की खरीद जल्द शुरू करवाने समेत विभिन्न मांगों को लेकर बुधवार को किसान संगठनों ने कुरुक्षेत्र के लघु सचिवालय में जोरदार प्रदर्शन किया। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह सहित अन्य किसान संगठनों के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने रोष मार्च निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद किसानों ने उपायुक्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

किसान संगठनों ने मांग की कि प्रदेश में 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू की जाए। किसानों ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि 15 सितंबर से धान की खरीद शुरू नहीं की गई तो किसान अपनी जीरी GT रोड पर डालकर विरोध जताएंगे। इसके अलावा प्रदेशभर में उपायुक्त कार्यालयों के बाहर भी धान डालकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा।

10 सितंबर को पिहोवा में होगी महापंचायत

भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रधान संजू नंबरदार ने बताया कि किसान संगठनों ने 10 सितंबर को पिहोवा अनाज मंडी में किसान महापंचायत बुलाई है। उन्होंने कहा कि यदि तब तक सरकार ने किसानों की मांगों को लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया तो महापंचायत में आंदोलन को लेकर बड़ा फैसला लिया जाएगा।

धान खरीद में नमी की सीमा 20 प्रतिशत करने की मांग

संजू नंबरदार ने कहा कि वर्तमान में सरकार 17 प्रतिशत तक नमी वाली धान की खरीद करती है। किसानों की मांग है कि नमी की सीमा बढ़ाकर 20 प्रतिशत की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम और फसल की स्थिति को देखते हुए नमी की सीमा बढ़ाना जरूरी है, ताकि किसानों को अपनी फसल मंडियों में बेचने के दौरान परेशानी न उठानी पड़े।

गन्ने के भाव में बढ़ोतरी की मांग

किसान नेताओं ने गन्ने के भाव में भी बढ़ोतरी की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब चीनी के दाम बढ़ चुके हैं तो इसका लाभ गन्ना उत्पादक किसानों को भी मिलना चाहिए। किसानों ने गन्ने का उचित भाव निर्धारित करने के साथ-साथ सभी फसलों के MSP की कानूनी गारंटी देने की मांग भी दोहराई।

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