Edited By Isha, Updated: 02 Sep, 2026 11:42 AM

आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाले करोड़ों रुपये के भुगतान में देरी के विरोध में मंगलवार को आईएमए ने 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल रखी। इससे प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड लेकर मरीज व उनके
करनाल / रोहतक / हिसार: आयुष्मान योजना के तहत मिलने वाले करोड़ों रुपये के भुगतान में देरी के विरोध में मंगलवार को आईएमए ने 24 घंटे की सांकेतिक हड़ताल रखी। इससे प्राइवेट अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड लेकर मरीज व उनके परिजन इलाज के लिए भटकते रहे। रोहतक में 30, भिवानी में 30, फतेहाबाद में 20, चरखी दादरी में छह, यमुनानगर में 230, पानीपत में 10 ऑपरेशन टाले गए। जींद में भी ऑपरेशन नहीं हुए।
हिसार में 14 अस्पतालों ने आयुष्मान कार्ड पैनल ही बंद कर दिए। लेकिन झज्जर और रेवाड़ी में मरीजों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। आईएमए का दावा है कि आयुष्मान योजना के तहत रोजाना करीब 2,000 से 2,500 दावे किए जाते हैं, लेकिन मंगलवार को एक भी दावा दाखिल नहीं किया गया। आईएमए ने चेतावनी देते हुए कहा यदि सरकार मांगें नहीं मानती और बकाया भुगतान नहीं करती है तो 16 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी।
फतेहाबाद में आयुष्मान भारत योजना के तहत 23 अस्पताल पैनल में शामिल है। लेकिन किसी में भी उपचार नहीं किया गया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि आधे अस्पतालों में उपचार जारी रहा है। अलग-अलग बीमारियों के करीब 20 ऑपरेशन टाले गए हैं। हिसार में ढंदूर गांव निवासी एक पिता अपने 30 वर्षीय बेटे की डायलिसिस के लिए भटकता रहा। आयुष्मान कार्ड लेकर प्राइवेट अस्पताल पहुंचा एक पोता भी अपने दादा की कीमोथैरेपी के लिए धक्के खाता नजर आया। जिले में 84 निजी अस्पतालों के 250 करोड़ रुपये छह माह से अटके हुए हैं।
14 अस्पतालों ने तो आयुष्मान कार्ड पैनल ही बंद कर दिया है। भिवानी के निजी अस्पतालों में इलाज बंद रहा। लेकिन मरीजों को उपचार के लिए भटकना नहीं पड़ा। क्योंकि सर्जरी के लिए आने वाले मरीजों को पहले ही हड़ताल की सूचना दे दी थी। इससे 30 मरीजों के ऑपरेशन टले जरूर लेकिन सरकारी अस्पतालों में निशुल्क उपचार जारी रहा।