महेंद्रगढ़ की 'विकास सारथी' बनी आईएएस कनिका गोयल, ​​​​​​​एक अमिट छाप के साथ हुई विदाई

Edited By Isha, Updated: 29 Mar, 2026 08:59 PM

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प्रशासनिक गलियारों में अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, सूक्ष्म दृष्टि और कड़े निर्णयों के लिए पहचानी जाने वाली आईएएस अधिकारी कनिका गोयल का महेंद्रगढ़ एसडीएम के पद से भले ही स्थानांतरण हो गया है परंतु उनके कार्यकाल

महेंद्रगढ़:  प्रशासनिक गलियारों में अपनी तीक्ष्ण बुद्धि, सूक्ष्म दृष्टि और कड़े निर्णयों के लिए पहचानी जाने वाली आईएएस अधिकारी कनिका गोयल का महेंद्रगढ़ एसडीएम के पद से भले ही स्थानांतरण हो गया है परंतु उनके कार्यकाल को महेंद्रगढ़ के इतिहास में एक 'सुधारात्मक युग' के रूप में याद किया जाएगा। जिस दृढ़ता और निष्पक्षता के साथ उन्होंने दशकों पुरानी समस्याओं का समाधान किया, उसने आमजन के मन में प्रशासन के प्रति विश्वास को और गहरा किया है।

दशकों पुराने 'अतिक्रमण के चक्रव्यूह' को किया ध्वस्त
आईएएस कनिका गोयल के कार्यकाल की सबसे बड़ी उपलब्धि शहर के मुख्य बाजारों को अतिक्रमण मुक्त कराना रहा। शहर के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और मुख्य बाजारों के बरामदों पर दशकों से कुछ लोगों ने अवैध कब्जा जमा रखा था। ये बरामदे, जो आमजन के चलने के लिए बनाए गए थे, व्यापारिक भंडारण और निजी कब्जे का केंद्र बन चुके थे। पूर्व में कई अधिकारियों ने इस मुद्दे पर हाथ डालने की कोशिश की, लेकिन राजनीतिक और स्थानीय दबाव के कारण पीछे हटना पड़ा।

कनिका गोयल ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने न केवल नियमों का हवाला दिया, बल्कि व्यापारियों से संवाद कर उन्हें 'व्यापारी हित और जनहित' के लिए प्रेरित किया। परिणामस्वरूप, दशकों बाद शहर के बरामदे कब्जा मुक्त हुए और पैदल चलने वाले राहगीरों ने राहत की सांस ली।

अक्सर अतिक्रमण हटाते समय प्रशासन और जनता के बीच टकराव देखने को मिलता है, लेकिन आईएएस गोयल की कार्यकुशलता ऐसी थी कि उनके दिशा-निर्देशों पर व्यापारियों ने स्वयं सहयोग किया। बाजारों में दुकानों के आगे बने पक्के और कच्चे चबूतरों, जो सड़कों को संकरा कर रहे थे, उन्हें तुड़वाया गया। एसडीएम की ईमानदारी और निष्पक्षता को देखते हुए व्यापारियों ने अपने-अपने अतिक्रमण और दुकानों के बाहर निकले बड़े-बड़े टीन शेड खुद ही हटा दिए थे। शहर को जाम से मुक्ति दिलाने के लिए उन्होंने रेहड़ी और फड़ लगाने वालों के लिए एक व्यवस्थित योजना बनाई, ताकि यातायात सुगम रहे और गरीबों का रोजगार भी सुरक्षित रहे।

सब्जी मंडी में कायम किया 'सिस्टम'
शहर की सब्जी मंडी, जो प्रशासनिक लापरवाही और मार्केट कमेटी की विफलता के कारण नरक का पर्याय बन चुकी थी, वहां कनिका गोयल ने अपनी प्रशासनिक क्षमता का लोहा मनवाया। मंडी में वाहनों के आवागमन और फड़ लगाने की कोई निश्चित व्यवस्था नहीं थी, जिससे हर समय जाम और अव्यवस्था बनी रहती थी। उन्होंने खुद मौके पर जाकर नई रूपरेखा तैयार करवाई और मंडी में सुचारू आवागमन सुनिश्चित किया। आज मंडी की बेहतर व्यवस्था का श्रेय सीधे तौर पर उनकी कार्यशैली को जाता है।

एक अमिट छाप के साथ विदाई
हाल ही में हुए प्रशासनिक स्थानांतरण के बाद अब कनिका गोयल अपनी नई जिम्मेदारी संभालेंगी, लेकिन महेंद्रगढ़ की जनता के लिए वे एक ऐसी अधिकारी के रूप में जानी जाएंगी जिन्होंने 'मुश्किल फैसलों' से कभी मुंह नहीं मोड़ा। उन्होंने साबित किया कि एक युवा आईएएस अधिकारी यदि संकल्प ले ले, तो दशकों पुराने अवरोध भी हट सकते हैं। शहरवासियों का मानना है कि कनिका गोयल जैसी अधिकारी ने न केवल शहर की सूरत बदली, बल्कि प्रशासन को 'पारदर्शी और सख्त' बनाकर एक नई मिसाल पेश की।

 

 

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