16 साल के पीड़ित के हक में खड़ा हुआ मानवाधिकार आयोग, नाबालिग को मिलेगा 10 लाख का मुआवजा

Edited By Isha, Updated: 29 May, 2026 01:52 PM

human rights commission stands in support of 16 year old victim

हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में प्रदेश सरकार को बिहार के 16 वर्षीय पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह मामला एक डेयरी फार्म

चंडीगढ़: हरियाणा मानवाधिकार आयोग (एचएचआरसी) ने एक गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन के मामले में प्रदेश सरकार को बिहार के 16 वर्षीय पीड़ित को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह मामला एक डेयरी फार्म में जबरन बाल श्रम और अमानवीय हिंसा से जुड़ा हुआ है, जिसमें नाबालिग का बायां हाथ एक मोटर चालित चारा काटने वाली मशीन में कट गया था। आयोग की रिपोर्ट में कहा गया कि इससे पीड़ित न केवल गंभीर शारीरिक चोट का शिकार हुआ, बल्कि उसे स्थायी दिव्यांगता और गहरा मानसिक आघात भी झेलना पड़ा है।

न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) ललित बत्रा की अध्यक्षता वाली पीठ, जिसमें सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया शामिल हैं, ने गृह विभाग को निर्देश दिए कि पीड़ित को मुआवजे के साथ-साथ कृत्रिम ऊपरी अंग (प्रोस्थेटिक आर्म) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाए। आयोग ने टिप्पणी की कि भले ही इस प्रकार की विकलांगता की भरपाई किसी भी आर्थिक राशि से संभव नहीं है, फिर भी कृत्रिम अंग उपलब्ध कराना पीड़ित की मूलभूत आवश्यकता है, जिसकी लागत लगभग 10 लाख रुपये या उससे अधिक हो सकती है।

यह मामला 29 जुलाई 2025 को सामने आया, जब दो सरकारी शिक्षकों ने नूंह-तौरू मार्ग पर एक घायल किशोर को खून से लथपथ अवस्था में देखा और उसे पुलिस के हवाले किया। बाद में उसे अस्पताल पहुंचाया और उसके परिवार को सूचना दी गई। इसके बाद बिहार सरकार ने भी हस्तक्षेप करते हुए प्रशासन से संपर्क किया।

जांच के बाद 10 अगस्त 2025 को एफआईआर दर्ज की गई और लगभग 5 माह की जांच के बाद पुलिस ने 30 दिसंबर 2025 को पलवल के एक डेयरी फार्म मालिक को गिरफ्तार किया। आयोग ने कहा कि मुआवजा पीड़ित को पुनर्वास और सम्मानजनक जीवन शुरू करने में मदद करेगा। 

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