Edited By Isha, Updated: 25 Aug, 2026 02:04 PM

हरियाणा के सरकारी स्कूलों की तस्वीर अब स्कूल की वास्तविक करीब जरूरत के आधार पर बदलेगी। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 14,300 से किए अधिक स्कूलों की ग्राउंड मैपिंग कर स्कूलवार सुविधाओं और कमियों गई
डेस्क: हरियाणा के सरकारी स्कूलों की तस्वीर अब स्कूल की वास्तविक करीब जरूरत के आधार पर बदलेगी। शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 14,300 से किए अधिक स्कूलों की ग्राउंड मैपिंग कर स्कूलवार सुविधाओं और कमियों गई का आकलन किया है। इसके आधार पर करीब 2,800 विकास कार्य बाद चिन्हित किए गए हैं, जिनके लिए पहले चरण में 130 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
हर स्कूल का अलग माइक्रो प्लान
ग्राऊंड सर्वे में भवन, कक्षा-हल्ले कक्ष, शौचालय, चारदीवारी और अन्य सुविधाओं की स्थिति का जायजा -पिता लिया गया। जेई, बी.ई.ओ., ए.बी.आर.सी. और स्कूल मैनेजमेंट कमेटियों शव की भागीदारी से प्रत्येक विद्यालय की जरूरत के अनुसार माइक्रो प्लान हे थे। तैयार किया गया है। चिन्हित कार्यों में नए कमरे, चारदीवारी और नंतिम शौचालयों का निर्माण, जर्जर भवन हटाना तथा मुरम्मत एवं रखरखाव के काम शामिल हैं।
दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए 11.01 करोड़
समावेशी शिक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया है। दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधाओं के लिए 11.01 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे 484 लड़कों और 173 लड़कियों के लिए शौचालय, 97 दिव्यांग अनुकूल शौचालय और 51 रैंप बनाए जाएंगे। स्कूलवार डाटा तैयार होने के बाद भविष्य में बजट आवंटन भी वास्तविक जरूरत के आधार पर करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक माहौल उपलब्ध कराने के साथ शिक्षा की गुणवत्ता में भी सुधार करना है।