कर्मचारियों के नियमितीकरण पर फंसा पेंच: 12 मई के फैसले को चुनौती देगी हरियाणा सरकार, जानिए क्या है 15 मई के डिवीजन बेंच का आधार

Edited By Isha, Updated: 27 Oct, 2026 03:04 PM

haryana government will challenge the decision of may 12

हरियाणा सरकार कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े हाई कोर्ट के फैसलों को चुनौती देने की तैयारी में है। मानव संसाधन विभाग ने सभी सरकारी विभागों को एलपीए (लेटर्स पेटेंट अपील) दायर करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इन फैसलों पर रोक लगाने की मांग...

चंडीगढ़: हरियाणा सरकार कर्मचारियों के नियमितीकरण से जुड़े हाई कोर्ट के फैसलों को चुनौती देने की तैयारी में है। मानव संसाधन विभाग ने सभी सरकारी विभागों को एलपीए (लेटर्स पेटेंट अपील) दायर करने के निर्देश दिए हैं। जरूरत पड़ने पर इन फैसलों पर रोक लगाने की मांग भी की जाएगी।

मुख्य सचिव कार्यालय ने सभी विभागों को बिना देरी कार्रवाई शुरू करने और इसकी रिपोर्ट भेजने को कहा है। ये निर्देश प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, मंडल आयुक्तों, उपायुक्तों, विश्वविद्यालयों और बोर्ड-निगमों के अधिकारियों को भेजे गए हैं। सरकार 12 मई 2026 को हाई कोर्ट की सिंगल बेंच के दीपक कुमार व अन्य बनाम हरियाणा राज्य मामले के फैसले के खिलाफ अपील करेगी। इसके लिए 15 मई 2026 के हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच के फैसले को आधार बनाया जाएगा।

सिंगल बेंच ने कर्मचारियों को पुरानी नीतियों (1993, 1996, 2003, 2011) के तहत लाभ देने को कहा था। इसमें 31 दिसंबर 2025 तक 10 साल से अधिक सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को नियमित करने का निर्देश भी था। सरकार ने इन आदेशों को चुनौती दी थी।

सभी विभागों को एलपीए दायर करने के निर्देश, फैसलों पर रोक लगाने की मांग भी की जाएगी

डिवीजन बेंच का फैसला 15 मई 2026 को हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने प्रत्येक कर्मचारी के मामले की अलग-अलग जांच करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के संबंधित कानूनी नियमों को ध्यान में रखने के निर्देश दिए गए। अदालत ने यह भी कहा कि नियमितीकरण के मामलों में अधिकारियों के स्पष्ट आदेश आने तक कर्मचारियों की मौजूदा स्थिति बनी रहेगी। यह व्यवस्था सरकार के अंतिम फैसलों के अधीन होगी।

सरकार ने दिए हैं ये निर्देश
मानव संसाधन विभाग ने सभी विभागों को कर्मचारियों की सेवा अवधि और सेवा रिकॉर्ड जांचने को कहा है। उन पर लागू नियमितीकरण नीतियों की भी जांच की जाएगी। इसके बाद कानूनी सलाह लेकर अपील दायर की जाएगी। यह कार्रवाई अवमानना याचिका ऋषि पाल बनाम अनुराग रस्तोगी आईएएस व अन्य के संदर्भ में भी हो रही है। हालांकि, अभी सभी कर्मचारियों का नियमितीकरण रद्द नहीं हुआ है, हर मामले में अलग-अलग निर्णय लिया जाएगा।

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