Edited By Krishan Rana, Updated: 19 Feb, 2026 03:33 PM

साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी को लाखों की चपत
यमुनानगर : साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का भय दिखाकर एक सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी से 66.33 लाख रुपये की ठगी कर ली। आरोपियों ने खुद को भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) का अधिकारी बताकर पीड़ित को करीब 48 घंटे तक वीडियो कॉल के जरिए निगरानी में रखा और डराकर उनकी जीवनभर की जमा पूंजी हड़प ली। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरु कर दी है।
साइबर क्राइम थाना पुलिस को दी शिकायत में पीड़ित ने बताया कि 8 फरवरी को उनके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से वीडियो कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने स्वयं को ट्राई का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके आधार कार्ड का दुरुपयोग हो रहा है और उसी आधार से केनरा बैंक में एक संदिग्ध खाता खोला गया है।
ठगों ने कहा कि मामले की जांच वीडियो कॉल पर ही की जाएगी और उन्हें कहीं जाने की जरूरत नहीं है। इस दौरान उन्होंने पीड़ित को ‘डिजिटल अरेस्ट’ में होने का डर दिखाया और किसी से संपर्क न करने की हिदायत दी। लगातार निगरानी में रखकर उनसे परिवार, बैंक खातों और निवेश से जुड़ी गोपनीय जानकारी हासिल कर ली।
आरोपियों ने कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी का भय दिखाकर उनकी सभी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) तुड़वा दीं और अलग-अलग खातों में कुल 66.33 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। जब ठगी का अहसास हुआ तो पीड़ित ने तुरंत साइबर क्राइम थाने में शिकायत दी।
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