Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 26 Jun, 2026 07:48 PM

नगर निगम गुरुग्राम ने वार्ड-17 के अंतर्गत आने वाले मोहम्मदपुर, नरसिंहपुर, खेडक़ी दौला, दरबारीपुर और पलड़ा गांवों की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 1.35 करोड़ रुपये की वाटर बूस्टिंग परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): नगर निगम गुरुग्राम ने वार्ड-17 के अंतर्गत आने वाले मोहम्मदपुर, नरसिंहपुर, खेडक़ी दौला, दरबारीपुर और पलड़ा गांवों की पेयजल व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए 1.35 करोड़ रुपये की वाटर बूस्टिंग परियोजना को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस योजना के तहत पांचों गांवों के वाटर बूस्टिंग स्टेशनों का आधुनिकीकरण और क्षमता विस्तार किया जाएगा, जिससे हजारों लोगों को कैनाल आधारित स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा। नगर निगम के अनुसार, परियोजना पर 1 करोड़ 35 लाख 34 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्य अभियंता एवं सक्षम प्राधिकारी से मंजूरी मिलने के बाद अब जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
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योजना के तहत खेड़की दौला वाटर बूस्टिंग स्टेशन को जीएमडीए की 900 एमएम मुख्य कैनाल आधारित जलापूर्ति लाइन से जोड़ा जाएगा। इससे क्षेत्र के लोगों को भूजल के साथ-साथ कैनाल आधारित स्वच्छ पेयजल भी उपलब्ध होगा। इससे भूजल पर निर्भरता कम होगी और भविष्य में बढ़ती पेयजल मांग को पूरा करने में भी मदद मिलेगी। परियोजना के अंतर्गत पांचों वाटर बूस्टिंग स्टेशनों पर नए ट्यूबवेल, सबमर्सिबल पंप तथा आधुनिक ऑटोमैटिक कंट्रोल पैनल लगाए जाएंगे। इसके अलावा नई डक्टाइल आयरन (डीआई) पाइपलाइन बिछाकर जल वितरण नेटवर्क को मजबूत किया जाएगा, जिससे रिसाव कम होगा और अंतिम छोर तक बेहतर जलापूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। पुरानी मोटरों की मरम्मत और 10 लाख लीटर क्षमता वाली भूमिगत जल टंकी की सफाई भी कराई जाएगी, जिससे पेयजल की गुणवत्ता और वितरण व्यवस्था में सुधार होगा।
ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से वाटर बूस्टिंग स्टेशनों पर एलईडी लाइटिंग और ऊर्जा-कुशल उपकरण भी लगाए जाएंगे, जिससे संचालन लागत में कमी आएगी और व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी। नगर निगम आयुक्त प्रदीप दहिया ने कहा कि वार्ड-17 के पांच गांवों के लिए स्वीकृत यह परियोजना क्षेत्र की जलापूर्ति व्यवस्था को आधुनिक, मजबूत और अधिक विश्वसनीय बनाएगी। उन्होंने कहा कि कैनाल आधारित जलापूर्ति शुरू होने से नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता का पेयजल मिलेगा और भूजल पर निर्भरता भी घटेगी। नगर निगम का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक तक पर्याप्त, स्वच्छ और निर्बाध पेयजल उपलब्ध कराना है।