Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 31 Jan, 2026 10:07 PM

SCERT में आयोजित हुई दो दिवसीय राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने जहां छात्रों की क्रिएटिविटी देखी वहीं, इन छात्रों के इस हौंसले और क्रिएटिविटी को उड़ान दिलाने के लिए उद्योग मंत्री राव नरबीर से भी आग्रह...
गुड़गांव, (ब्यूरो): SCERT में आयोजित हुई दो दिवसीय राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में पहुंचे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने जहां छात्रों की क्रिएटिविटी देखी वहीं, इन छात्रों के इस हौंसले और क्रिएटिविटी को उड़ान दिलाने के लिए उद्योग मंत्री राव नरबीर से भी आग्रह किया। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी स्कूल में छिपी प्रतिभाओं को बाहर निकालने के लिए अध्यापकों ने कड़ी मेहनत की है। छात्रों ने उन समस्याओं के समाधान को भी आसानी से अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से बता दिया जिन समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासनिक अधिकारी काफी प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे उद्योग मंत्री राव नरबीर से कहा कि वह उद्योगपतियों एवं कॉरपोरेट्स से बात करें और उन्हें इन छात्र-छात्राओं के आइडिया को को धरातल पर उतारने के लिए कार्य करें और इस तरह के क्रिएटिव प्रोजेक्ट को बनाने के लिए वह हर संभव कार्य करें।
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SCERT में आयोजित हुई 53वीं राज्य स्तरीय बाल वैज्ञानिक प्रदर्शनी में छात्रों ने खेती की उत्तम तकनीक को बताया। इसमें खेती करने के दौरान किसानों को आने वाले चैलेंज और उसके समाधान के बारे में बताया गया। खेती के दौरान फसल को नष्ट करने वाले पशुओं को किस तरह से दूर रखा जाए। किसान अगर खेत में न हो तो भी उसकी फसल की सिंचाई और सुरक्षा हो इसके लिए भी यंत्र बताए गए। अगर खेतों में बिजली की तार गिरने अथवा किसी अन्य कारण से आग लग जाए अथवा कोई अन्य नुकसान हो जाए तो किसान को तुरंत ही अलर्ट मिल जाए ताकि नुकसान होने से बचा जा सके।
वहीं, नूंह के सालाहेड़ी गवर्नमेंट स्कूल से आई छात्रा ने वाटर कंजर्वेशन से संबंधित मॉडल प्रस्तुत किया। इस मॉडल के जरिए बताया गया कि किस तरह से वर्षा जल संचयित कर उसे साफ कर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके साथ ही भूजल स्तर बढ़ाने के लिए कार्य किया जा सकता है। इस पानी का उपयोग साफ करके न केवल घरों में पीने के पानी के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है बल्कि खेती के लिए भी किया जा सकता है। वहीं, पानीपत से छात्रों ने पानी को शुद्ध करने के बारे में बताया। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट के माध्यम से बताया कि आज के समय में साफ होने के बावजूद भी पानी में प्लास्टिक कण आ जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हैं। उन्होंने अपने प्रोजेक्ट के माध्मय से इस पानी को 94 प्रतिशत तक साफ कर इसमें से प्लास्टिक कण अलग करने के लिए मॉडल तैयार किया जिसकी शिक्षामंत्री ने प्रशंसा की। वहीं, छात्राें ने पराली जलाने से रोकने के लिए भी मॉडल तैयार किया जिसमें खेतों में ही पराली का सही इस्तेमाल करने के तरीके सुझाए। वहीं, प्लास्टिक के विकल्पों को भी इस प्रदर्शनी में शामिल किया गया।
इन मॉडल के जरिए छात्रों की क्रिएटिविटी देख शिक्षा मंत्री ने कहा कि जल्द ही उद्योगों के माध्यम से छात्रों को इस तरह के क्रिएटिव आइडिया को धरातल पर लागू करने के लिए मदद दिलाई जाएगी। वहीं, कार्यक्रम में पहुंचे उद्योग मंत्री ने कहा कि उद्योगों और मल्टीनेशनल कंपनियों के लिए एक नोडल ऑफिसर को तैनात कराया जाएगा जो छात्रों की इस तरह की क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने के लिए कार्य करेंगे और उद्योगों के सीएसआर फंड के जरिए इनकी मदद की जाएगी।