Edited By Isha, Updated: 06 Jan, 2026 09:53 AM

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली के एक बड़े मामले में हरियाणा के 'स्ट्रॉन्गमेन' कहे जाने वाले इंद्रजीत सिंह यादव को दुबई से भारत लाने (प्रत्यर्पण) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इंद्रजीत यादव
डेस्क: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग और जबरन वसूली के एक बड़े मामले में हरियाणा के 'स्ट्रॉन्गमेन' कहे जाने वाले इंद्रजीत सिंह यादव को दुबई से भारत लाने (प्रत्यर्पण) की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इंद्रजीत यादव पर आरोप है कि वह निजी लेन-देन और कॉर्पोरेट वित्तीय विवादों को सुलझाने के नाम पर एक 'मिडलमैन' के रूप में काम करता था। खबरों के मुताबिक वह विवादों को बातचीत से नहीं, बल्कि धमकी और हथियारों के बल पर सुलझाता था। वह विदेशी गैंगस्टरों और सशस्त्र साथियों के साथ मिलकर काम करता था। इन "समझौतों" में अक्सर कर्ज देने वालों को भारी नुकसान होता था, जबकि यादव 'कमीशन' के रूप में एक बड़ी रकम अपने पास रख लेता था।

छापेमारी और जब्त की गई संपत्ति
ED की गुरुग्राम यूनिट ने हाल ही में दिल्ली और गुरुग्राम में छापेमारी की, जिसमें अपराध से कमाई गई भारी संपत्ति बरामद हुई, जिसमें 6.51 करोड़ नकद, 17.4 करोड़ मूल्य के जेवरात, 8-9 करोड़ की पांच लग्जरी गाड़ियाँ, 35 करोड़ की अचल संपत्ति के दस्तावेज है।
यादव जनवरी 2025 में इनकम टैक्स की छापेमारी के बाद भारत छोड़कर भाग गया था। फिलहाल वह दुबई में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा है।उसके खिलाफ हरियाणा, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में धोखाधड़ी, डराने-धमकाने और आर्म्स एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। जांच में सामने आया है कि यादव जबरन वसूली के पैसे को 'हवाला' के जरिए घुमाता था और फिर उसे अपने करीबियों के नाम पर लग्जरी फ्लैटों और फार्म हाउसों में निवेश करता था।

हिंसक अपराधों में शामिल होने के आरोप
जांच में बताया गया है कि इंद्रजीत सिंह यादव, जो मेसर्स रिकार्ड्स एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड (जिसे जेम्स ट्यून्स के नाम से जाना जाता है) का मालिक और मुख्य नियंत्रक है। उस पर हत्या, अवैध वसूली, धोखाधड़ी, जबरन लोन सेटलमेंट, अवैध जमीन कब्जा और हिंसक अपराधों में शामिल होने के आरोप हैं। वह हरियाणा पुलिस के कई मामलों में वांछित है और फिलहाल यूएई से फरार बताया जा रहा है।
ईडी ने विशेष इनपुट के आधार पर मामले से जुड़े अन्य लोगों पर भी छापेमारी की। इस दौरान इंद्रजीत सिंह यादव के करीबी सहयोगी अमन कुमार की भूमिका सामने आई जो अवैध धन को इधर-उधर करने और निजी फाइनेंसरों से सेटलमेंट कराने में अहम भूमिका निभा रहा था।

परिवार के सदस्यों के नाम पर खरीदी कई अचल संपत्तियां
अमन कुमार के पास अपराध से अर्जित धन (प्रोसीड्स आफ क्राइम) पाया गया और वह उसे छिपाने की कोशिश कर रहा था। च में यह भी सामने आया है कि इंदरजीत सिंह यादव और उसके परिवार के सदस्यों के नाम पर अपराध से अर्जित धन से चल और अचल संपत्तियां खरीदी गईं। ईडी ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है।