ED का रिचा इंडस्ट्रीज के गुरुग्राम व फरीदाबाद में 8 ठिकानों पर सर्च ऑप्रेशन, 8 लाख नकद, 4 लग्जरी कारें जब्त

Edited By Manisha rana, Updated: 07 Dec, 2025 08:58 AM

ed conducts search operation at 8 locations of richa industries

प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) गुरुग्राम कार्यालय की टीम ने गुरुग्राम व फरीदाबाद में मैसर्स रिचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आर.आई.एल.) व प्रमोटरों संदीप गुप्ता, मनीष गुप्ता और सुशील गुप्ता और इसकी समूह कंपनियों से संबंधित 8 ठिकानों पर पी.एम.एल.ए., 2002 के...

गुड़गांव : प्रवर्तन निदेशालय (ई.डी.) गुरुग्राम कार्यालय की टीम ने गुरुग्राम व फरीदाबाद में मैसर्स रिचा इंडस्ट्रीज लिमिटेड (आर.आई.एल.) व प्रमोटरों संदीप गुप्ता, मनीष गुप्ता और सुशील गुप्ता और इसकी समूह कंपनियों से संबंधित 8 ठिकानों पर पी.एम.एल.ए., 2002 के प्रावधानों के तहत सर्च ऑप्रेशन चलाया। ई.डी. की टीमों ने सी.बी.आई. की ओर से दर्ज एफ.आई.आर. के आधार पर आरोपी व्यक्तियों द्वारा दिवालियापन प्रक्रिया बिगाड़ने और 50.54 करोड़ की बैंक धोखाधड़ी के आरोपों के लिए जांच शुरू की जिससे उन्होंने खुद भारी लाभ कमाया और बैंकों को पर्याप्त नुकसान पहुंचाया।

ई.डी. की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वर्ष 2015-18 के दौरान 236 करोड़ रुपए की संदिग्ध गतिविधियों में प्रमोटरों ने आर. आई. एल. की संपत्ति हड़पने और कॉर्पोरेट दिवालियापन समाधान प्रक्रिया को विफल करने की ठोस योजना बनाई। कथित तौर पर प्रमोटरों ने एक शैल कंपनी मैसर्स सारीगा कंस्ट्रक्श न प्राइवेट लिमिटेड (एस.सी.पी.एल.) को शामिल किया जिसमें आर.आई.एल. के एक पूर्व कर्मचारी को बेनामीदार के रूप में इस्तेमाल किया गया। जांच में पाया है कि समन्वित प्रयासों के माध्यम से एस.सी.पी. एल. ने धोखाधड़ी से लेनदारों की समिति (सी.ओ.सी.) में वोटिंग अधिकार हासिल कर लिए जिससे गुप्ता परिवार सी.आई.आर.पी. को अपने पक्ष में बाधित करने और प्रभावित करने में सक्षम हो गया।

दस्तावेज व डाटा किया बरामद

सर्च ऑप्रेशन के दौरान कई डिजिटल डिवाइस और गलत डॉक्यूमैंट्स जैसे डायरैक्टर्स के पास मौजूद एसेट्स, फाइल किए गए क्लेम, ऑडिटेड फाइनैंशियल्स, ग्रुप कंपनियों का टैली डाटा, गुप्ता परिवार की शैल कंपनियां, लीगल रिकॉर्ड, धोखाधड़ी वाले एफिडैविट, कंपनी से फंड का डायवर्जन, आदि बरामद और सीज किए गए। इसके अलावा प्रमोटरों और उनसे जुड़े लोगों के कई बैंक अकाऊंट, जिनमें 40 लाख रुपए से ज्यादा का क्रैडिट बैलेंस था, उन्हें भी फ्रीज कर दिया गया। ई.डी. की टीम ने 8 लाख कैश के साथ-साथ गुप्ता परिवार द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली संबंधित कंपनियों और बेनामी कंपनियों की 4 लग्जरी कारें भी जब्त कीं।

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