Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 10 Jan, 2026 11:50 PM

मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने AEDL लैंडमार्क कंपनी और इसके प्रमोटर सुमित भड़ाना और हेम सिंह भ्श्राड़ाना की 585.46 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की है।
गुड़गांव, (ब्यूरो): मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने AEDL लैंडमार्क कंपनी और इसके प्रमोटर सुमित भड़ाना और हेम सिंह भ्श्राड़ाना की 585.46 करोड़ की प्रॉपर्टी अटैच की है। इसमें बिल्डर और इसकी एसोसिएट कंपनी की 340 एकड़ जमीन है जोकि गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल बहादुरगढ़, मेरठ और गाजियाबाद में स्थित है। बिल्डर पर दर्ज दिल्ली पुलिस, हरियाणा पुलिस, आर्थिक अपराध शाखा दिल्ली में 74 केसों की जांच के दौरान इस संपत्ति को अटैच किया गया है। की केस पर दर्ज है।
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ईडी के अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि बिल्डर ने निवेशकों को धोखा दिया। साल 2006 से 2012 के बीच बिल्डर ने गुड़गांव, फरीदाबाद, पलवल में 8 प्रोजेक्ट कोस्मो कोर्ट, कोस्मो सिटी-1, कोस्मो सिटी-3, रेडवुड रेजीडेंसी, ईरा ग्रीन वर्ल्ड, ईरा डिवाइन कोर्ट, एडीईएल डिवाइन कोर्ट, स्काइविले के लिए 4771 निवेशकों से 1075 करोड़ एडंवास बुकिंग ली थी। निवेशकों से एडवांस रुपए लेने के बाद लोगों को सपने दिखाए थे कि वह उन्हें अपना आशियाना देंगे, लेकिन आज तक उन्हें फ्लैट नहीं मिले।
साल 2006 से 2012 तक फंड लेने के बाद प्रोजेक्ट पर निर्माण करना था, लेकिन इस फंड का प्रयोग प्रोजेक्ट को पूरा करने की बजाय दूसरे स्थानों पर जमीन खरीदने में किया गया जिसके कारण निवेशकों को उनका आशियाना नहीं मिल सका। लोगों ने उनसे रुपए वापस मांगे तो बिल्डर ने चेक जारी कर दिए, जो कई कारणों से बाउंस हो गए। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि यह बुनियादी सुविधाएं देनी थी, वह कुछ भी नहीं दिए। प्रोजेक्ट को गिरवी रखकर उसे डेवलप करने के लिए लोन ले लिया और इसकी जानकारी निवेशकों को भी नहीं दी गई।