कॉरपोरेट्स को लगा रहे थे कराेड़ों का चूना, EoW ने ऐसे किया पर्दाफाश

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 21 Feb, 2026 07:49 PM

economic offence wing burst a racket for cheating corporates

आर्थिक अपराध शाखा- दो ने कॉरपोरेट जगत में होने वाली बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कावासाकी रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर फर्जी वेंडर और जाली बिलों के जरिए करोड़ों...

गुड़गांव, (ब्यूरो): आर्थिक अपराध शाखा- दो ने कॉरपोरेट जगत में होने वाली बड़ी धोखाधड़ी का पर्दाफाश करते हुए एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने कावासाकी रोबोटिक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के कर्मचारियों के साथ सांठगांठ कर फर्जी वेंडर और जाली बिलों के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी की वारदात को अंजाम दिया था।

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पुलिस प्रवक्ता के अनुसार इस पूरे फर्जीवाड़े की शुरुआत साल 2015 में हुई थी जो 2023 तक निर्बाध रूप से चलती रही। मामले का खुलासा तब हुआ जब कंपनी के प्रतिनिधियों ने आंतरिक जांच के बाद आर्थिक अपराध शाखा को शिकायत दी। जांच में पाया गया कि कंपनी के ही कुछ अधिकारियों ने अपने पद और शक्तियों का दुरुपयोग करते हुए कागजों पर फर्जी वेंडर और कर्मचारी खड़े कर दिए। इन वेंडरों ने वास्तव में कंपनी को कभी कोई सेवा या सामान उपलब्ध नहीं कराया, लेकिन उनके नाम पर करोड़ों रुपये के बिल पास कराकर भुगतान ले लिया गया।

 

आर्थिक अपराध शाखा-दो की टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन तफ्तीश के बाद 19 फरवरी को फरीदाबाद के एनआईटी इलाके से 37 वर्षीय गौरव धींगड़ा को गिरफ्तार किया। बीबीए शिक्षित गौरव फरीदाबाद की ही एक निजी कंपनी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। पुलिस पूछताछ में गौरव ने चौंकाने वाले खुलासे करते हुए बताया कि उसने कंपनी के कर्मचारी लवीश के साथ मिलकर धींगड़ा इंटरप्राइजेज नाम से एक फर्जी फर्म बनाई थी।

 

लवीश ने अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर इस फर्जी फर्म को कंपनी के रिकॉर्ड में एक अधिकृत वेंडर के रूप में दर्ज कराया। इसके बाद फर्जी बिलों के माध्यम से कुल एक करोड़ 85 लाख 47 हजार 513 रुपये गौरव की फर्म के तीन अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करवा लिए गए। इस पूरी साजिश के बदले गौरव को करीब पांच लाख रुपये का कमीशन मिला था, जबकि शेष बड़ी राशि मुख्य आरोपी लवीश और अन्य साथियों में बांट ली गई।

 

पुलिस ने आरोपी को म न्यायालय में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से उसके अन्य साथियों के ठिकानों, ठगी गई राशि की बरामदगी और इस खेल में शामिल अन्य संदिग्धों के बारे में विस्तृत पूछताछ करेगी।

 

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