Edited By Isha, Updated: 23 Jun, 2026 09:46 AM

बहादुरगढ़ के नजदीकी गांव लोहारहेड़ी में रात के वक्त एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक मकान की छत पर बना कबूतरखाना अचानक टूटकर साथ लगते घर के आंगन में गिर गया। मलबे की चपे
बहादुरगढ़: बहादुरगढ़ के नजदीकी गांव लोहारहेड़ी में रात के वक्त एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ एक मकान की छत पर बना कबूतरखाना अचानक टूटकर साथ लगते घर के आंगन में गिर गया। मलबे की चपेट में आने से आंगन में सो रही एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। गनीमत यह रही कि पास ही सो रहा मासूम नाती इस हादसे में बाल-बाल बच गया।
मिली जानकारी के अनुसार, 53 वर्षीय निर्मला अपने घर के आंगन में चारपाई पर सो रही थी। उनके पास ही उनका बेटा दिनेश और उनका छोटा नाती भी सोए हुए थे। निर्मला के घर से बिल्कुल सटकर उनके ही कुनबे (रिश्तेदारों) का एक और मकान है, जिसकी छत पर एक बड़ा कबूतरखाना बनाया हुआ था। रात के समय जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तभी अचानक कबूतरखाने की छत में लगी लकड़ी की कड़ी (शहतीर) टूट गई।कड़ी टूटते ही कबूतरखाने के चारों तरफ बनी करीब 5-5 फीट ऊंची ईंटों की दीवारें भरभराकर निर्मला के आंगन में आ गिरीं।
सिर पर लगीं गंभीर चोटें
भारी-भरकम मलबा सीधे निर्मला और उनके बेटे दिनेश के ऊपर गिरा। निर्मला के ऊपर ईंटों का बड़ा हिस्सा गिरने की वजह से उनके सिर में गंभीर चोट आई और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, बेटे दिनेश के पेट में गंभीर अंदरूनी चोटें आई हैं, जिसे तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।
तबाही का मंजर: पड़ोसी के बरामदे की छत भी टूटी
कबूतरखाना गिरने का धमाका इतना जबरदस्त था कि मलबे का एक हिस्सा दूसरी तरफ बने एक घर के बरामदे पर भी जा गिरा, जिससे उस बरामदे की छत भी ढह गई। गनीमत रही कि उस तरफ कोई सो नहीं रहा था, वरना हादसा और भी बड़ा हो सकता था। इस हादसे के बाद से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है और हर कोई नाती के सुरक्षित बचने को चमत्कार मान रहा है।