हरियाणा के इस जिले में हो रही दूषित पानी की आपूर्ति, सैंपलों में मिला जानलेवा बैक्टीरिया, विभाग का दावा कुछ और...

Edited By Krishan Rana, Updated: 20 Feb, 2026 01:59 PM

contaminated water is being supplied in this district of haryana deadly bacteri

हरियाणा के पलवल जिले के छांयसा गांव में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की जांच में

हरियाणा डेस्क : हरियाणा के पलवल जिले के छांयसा गांव में पेयजल की गुणवत्ता को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की जांच में 6 अलग-अलग घरों से लिए गए पानी के सैंपल फेल पाए गए हैं। इन सैंपलों में ई-कोलाई (E. coli) बैक्टीरिया की पुष्टि हुई है, जो स्वास्थ्य के लिए खतरनाक माना जाता है और गंभीर मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकता है।

विभाग की जांच में यह भी सामने आया कि जिन 6 सैंपलों में बैक्टीरिया मिला, वे घरों के निजी जमीनी टैंकों (कुंडों) से लिए गए थे। विभाग ने एहतियातन इन टैंकों की सफाई करवा दी है। ये सैंपल 6 फरवरी को लिए गए थे। गांव के 110 घरों से लिए गए सैंपलों में से 57 में क्लोरीन की मात्रा कम पाई गई। इसके बाद विभाग ने 18 फरवरी तक 190 ऑर्थोटोलिडीन (OT) टेस्ट कराकर क्लोरीन की जांच की। जांच में सभी सैंपलों में क्लोरीन की उपलब्धता पाई गई।

कुल 386 सैंपल लिए गए

लोगों के बीमार होने के मामलों में बढ़ोतरी के बाद विभाग ने गांव में कुल 386 सैंपल लिए। इनमें से 176 सैंपल बैक्टीरियोलॉजिकल जांच के लिए भेजे गए। अब तक 76 सैंपलों की रिपोर्ट आ चुकी है, जिनमें से 9 प्रतिशत (6 सैंपल) में बैक्टीरिया मिला है। शेष 210 सैंपल अभी लैब में जांच के लिए भेजे जाने बाकी हैं। 176 में से शेष 100 सैंपलों की बैक्ट्रोलोजिकल रिपोर्ट लैब से आना शेष है। विभाग ने जो पानी की आपूर्ति हो रही है, उसके भी अमोनिया टेस्ट के 14 व हेवी मेटल के छह सैंपलों की रिपोर्ट आना बाकी है।

मौतों को लेकर स्थिति स्पष्ट

रिपोर्ट के अनुसार, 27 जनवरी से 11 फरवरी के बीच गांव में बीमारी से सात मौतें हुई हैं। हालांकि विभाग ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि इन मौतों के लिए सरकारी पेयजल आपूर्ति जिम्मेदार नहीं है। पंचकूला स्थित विभागीय मुख्यालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेज दी है।

हरियाणा के जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर गंगवा ने कहा कि विभागीय टीम से जांच कराई गई है और सरकारी पेयजल आपूर्ति में दूषित पानी नहीं पाया गया। उन्होंने कहा कि “जो मौतें हुई हैं, उनके लिए पेयजल आपूर्ति जिम्मेदार नहीं है। गांव में दूषित पानी की सप्लाई नहीं हो रही।” 

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