Edited By Krishan Rana, Updated: 14 Apr, 2026 04:43 PM

सेल्फी विद डॉटर अभियान के संस्थापक और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सुनील जागलान ने एआई प्रौद्योगिकी का सबसे भावुक और सकारात्मक उपयोग करते
जींद : सेल्फी विद डॉटर अभियान के संस्थापक और प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सुनील जागलान ने एआई प्रौद्योगिकी का सबसे भावुक और सकारात्मक उपयोग करते हुए ‘एआई सेल्फी विद डॉटर’ अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान उन परिवारों के लिए एक अनूठा उपहार साबित हो रहा है जिनके पास केवल बेटे हैं या बेटी नहीं है। मात्र कुछ दिनों में ही देशभर से 2000 से अधिक एआई जनरेटेड सेल्फी विद डॉटर डब्ल्यू डब्ल्यू डब्ल्यू डॉट सेल्फी विद डॉटर डॉट ओआरजी ऑनलाइन म्यूजियम पर अपलोड हो चुकी हैं। माता-पिता भावुक होकर अपनी एआई बेटी के साथ सेल्फी साझा कर रहे हैं और कह रहे हैं – “पहली बार महसूस हुआ कि हमारी बेटी होती तो कैसी होती।”
अभियान का उद्देश्य स्पष्ट है – कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सदुपयोग से बेटी की अनुपस्थिति में भी उसके एहसास को जीवंत करना। जिन परिवारों में केवल पुत्र हैं, वे एआई के विभिन्न ऐप के माध्यम से अपनी इच्छित बेटी का रूप रच रहे हैं, उसके साथ एआई सेल्फी विद डॉटर ले रहे हैं, नाम दे रहे हैं और अपनी भावनाएं साझा कर रहे हैं। कई माता-पिता ने सुनील जागलान को फोन कर आंसू भरकर शुक्रिया अदा किया। एक माता-पिता ने बताया, “जब हम उस एआई बेटी को सेल्फी विद डॉटर में देख रहे थे तो काफी समय तक नजरें हटा नहीं पाए। यह अनुभव जीवन बदलने वाला है।” कई परिवारों ने घोषणा की है कि वे अब बेटी गोद लेने की योजना बना रहे हैं।
सुनील जागलान ने इसे “एआई का सबसे बेहतरीन और मानवीय इमोशनल प्रयोग” बताया। उन्होंने कहा, “2015 में बीबीपुर गांव से शुरू हुए ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान ने दुनिया को बेटी के महत्व का संदेश दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने कई बार इसकी सराहना की। यह भारत का पहला ग्लोबल कैंपेन बना, जिसमें देश-विदेश के सेलिब्रिटी शामिल हुए। अब एआई सेल्फी विद डॉटर उस भावना को और गहरा बना रहा है। जिनके पास बेटी नहीं, वे भी इस अनुभूति से गुजर सकें।”

अभियान की एक खास श्रेणी ‘गुमशुदा बेटियों’ के लिए भी शुरू की गई है, जिसमें एआई सेल्फी विद डॉटर की मदद से लापता बेटियों की तलाश और जागरूकता का मिशन चलाया जाएगा। जागलान ने घोषणा की कि आगामी ‘सेल्फी विद डॉटर दिवस’ पर ‘एआई सेल्फी विद डॉटर’ के अवार्ड दिया जाएगा।
यह अभियान केवल सेल्फी नहीं, बल्कि बहुत बड़ा सामाजिक परिवर्तन का माध्यम है। यह साबित करता है कि तकनीक अगर सही मकसद से इस्तेमाल हो तो कितनी मानवीय हो सकती है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को एआई सेल्फी विद डॉटर ने फिर से नई ऊंचाई दी है। देशभर के माता-पिता इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग ले रहे हैं।
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