Edited By Isha, Updated: 15 Jan, 2026 12:48 PM

हिसार सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (डोसीसीबी) में संविदा पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन में अवैध कटौती कर 2.20 करोड़ रुपये का घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। इसके अलावा भर्ती नियमों की
चंडीगढ़: हिसार सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड (डोसीसीबी) में संविदा पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन में अवैध कटौती कर 2.20 करोड़ रुपये का घोटाला किए जाने का मामला सामने आया है। इसके अलावा भर्ती नियमों की बिना कारण 31 लोग निकाले गए। उनकी जगह सिफारिश पर 48 लोगों को रखा गया। सहकारिता विभाग की विजिलेंस जांच में इसका खुलासा हुआ है।
जांच समिति की रिपोर्ट के अनुसार बैंक से मिलीभगत कर संविदा पर कर्मचारी उपलब्ध करवाने बाली एजेंसी मैसर्स बालाजी सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड ने साल 2010 से 2020 तक कर्मचारियों के वेतन में कटौती की। इसके बाद साल 2020 में 31 अनुबंधित कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया।
उनकी जगह 48 कर्मचारी सत्ताधारी दल के नेताओं व वरिष्ठ अधिकारियों की सिफारिश पर रख लिए गए। समिति ने अब बैंक को कंपनी से 2.20 करोड़ रुपये वसूलने और इसे कर्मचारियों को लौटाने की सिफारिश की है। इस रिपोर्ट के आधार पर हरको बैंक मुख्यालय ने भी हिसार सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड में संविदा पर रखे गए कर्मचारियों के वेतन में की गई हैं अवैध कटौती साल 2020 में 31 अनुबंध कर्मचारियों को बिना कारण हटाया गया था, आदेश के बावजूद दोबारा नहीं रखा गया
दरअसल संविदा कर्मचारियों ने सीएम विंडो पर शिकायत कर बैंक व कंपनी पर आठ गंभीर आरोप लगाए थे। शिकायत के मुताबिक बैंक में संविदा कर्मचारियों को डीसी रेट (सर्किल रेट) पर वेतन दिया जाना था पर बैंक के महाप्रबंधक ने एजेंसी के साथ मिलकर कम वेतन दिया। ऐसा करके हर महीने छह लाख रुपये का गबन किया गया।
शिकायत के आधार पर विजिलेंस ने जांच की तो आरोप सही पाए गए। वेतन कटौती के लिए एजेंसी ने जो दलीलें दी, वे निराधार पाई गई। जांच में साबित हुआ है कि 31 कर्मचारियों की अवैध बर्खास्तगी जानबूझकर और बिना नोटिस दिए की गई। आदेशों के बावजूद इन कर्मचारियों की बहाली नहीं की गई। उनकी जगह 48 कर्मचारी सत्ताधारी दल के प्रमुख राजनेताओं और वरिष्ठ अधिकारियों की सिफारिश पर विज्ञापन/पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया का पालन किए बिना रखे गए।