जरा सी जल्दबाजी वाहन सवारों की जान पर पड़ रही भारी, छह साल में 830 मौतें

Edited By Manisha rana, Updated: 20 Jun, 2022 08:26 AM

a little haste is taking a toll on the lives of the riders

ट्रैफिक नियमों का पालन न करके शॉर्ट कट से जल्द अपनी मंजिल तक पहुंचने की आदत, कई बार जानलेवा बन जाती है

फरीदाबाद : ट्रैफिक नियमों का पालन न करके शार्टकट से जल्द अपनी मंजिल तक पहुंचने की आदत, कई बार जानलेवा बन जाती है। इसके बाद भी बड़ी संख्या में लापरवाह लोग खुलेआम रॉन्ग साइड गाड़ी चलाते हैं, गलत जगह से गाड़ी मोड़ते हैं और अपनी जिंदगी जोखिम में डालते हैं। ट्रैफि क विभाग के आंकड़ों के अनुसार सर्वाधिक एक्सीडेंट रॉन्ग साइड गाड़ी चलाने के कारण होते हैं और सर्वाधिक मौतें भी इसी कारण होती हैं।

जिले में सड़क हादसे कम होने की जगह बढ़ते जा रहे हैं। 2021 की तुलना में सड़क हादसों में करीब 8 फीसदी की वृद्धि हुई है। हर दूसरे दिन में सड़क हादसे में एक जान जा रही है। जबकि रोड कई लोग घायल हो रहे हैं। हाईवे के 6 लेन का होने के बाद हादसों का ग्राफ काफी बढ़ गया था। इसके बाद ग्रिल लगाने व फुट ओवर ब्रिज बनाए गए। लेकिन इसके बाद भी सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आई है। हैरानी की बात यह है कि ट्रैफि क डिपार्टमेंट ऐसे लोगों का चालान करता है लेकिन ये लोग 500 रुपए जुर्माना भरने के बाद भी अपनी हरकतों से बाज नहीं आते हैं। जबकि विदेशों में ऐसे लोगों से कई गुना ज्यादा चालान लिया जाता है और दोबारा नियम तोडऩे पर और भी सख्त सजा उन्हें दी जाती है। शहर को जाम मुक्त और एक्सीडेंट के आंकड़े को कम करना ही ट्रैफिक विभाग का मुख्य उद्देश्य है। हमारा संकल्प है कि रोड हादसे में न केवल कमी लाई जाए बल्कि इससे होने वाली मौतों को भी कम किया जाए।

फरीदाबाद में 2017 से मई 2022 के आंकड़े बताते हैं कि शहर में कुल हादसे 2051 दर्ज किए गए। जबकि घायल 1552 लोगों हुए और 830 लोगों की सड़क हादसों में जान गई। इसके बाद भी हमारे शहर के लोग रॉग साइड चलने या शार्ट पकडऩे से बाज नहीं आते। जिले में 35 प्रतिशत हादसे पैदल लोगों के साथ हुए हैं। पैदल चलने वालों के लिए सबसे बड़ा खतरा कारें हैं। पुलिस की रिपोर्ट के मुताबिक, कारों ने पैदल चल रहे 109 लोगों को और दुपहिया वाहनों ने 65 पैदल लोगों को टक्कर मारी है। ट्रकों की टक्कर से सिर्फ 24 पैदल यात्री ही हादसों का शिकार हुए। वहीं 39 ऐसे अज्ञात वाहन भी थे, जो टक्कर मारकर फरार हो गए। बसों की वजह से 5 व ऑटो की वजह से 3 पैदल यात्री हादसों का शिकार हुए हैं। वहीं दुपहिया वाहन सवारों के साथ कुल 290 हादसे हुए। 

शहर में वर्ष 2020 व 2021 में अनाज मंडी चौक पर 12, एनएचपीसी चौक पर 15 और बडख़ल चौक पर 16 हादसे अबतक हुए हैं जिसमें 25 मौंते हुई और 39 लोग घायल हुए हैं। इसकी मूल वजह है की सड़कों पर बने अवैध कट, उल्टी दिशा में वाहन दौड़ाना, यातायात नियमों का पालन नहीं करना, सड़क के गड्ढ़ों की वजह से हादसे, पर्याप्त फुट ओवर ब्रिज की कमी, बिना हैलमेट वाहन चलाना और जरूरत से ज्यादा सवारी बैठाकर बाइक चलाना एवं नाबालिग वाहन चालकों के सड़कों पर उतरने से हादसे बढ़ रहे हैं। 

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