औरंगज़ेब प्रेमियों' ने ‘केसरी’ शंकरन नायर को क्यों भुला दिया? बीजेपी ने कांग्रेस पर साधा निशाना!

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 02 Apr, 2025 08:08 PM

why did  aurangzeb lovers  forget  kesari  shankaran nair

भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि आखिर क्यों सी. शंकरन नायर जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को भुला दिया गया

गुड़गांव, ब्यूरो : भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और वामपंथी दलों पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है कि आखिर क्यों सी. शंकरन नायर जैसे महान स्वतंत्रता सेनानी को भुला दिया गया? नायर वही शख्स थे जिन्होंने जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद ब्रिटिश हुकूमत को अदालत में घसीटा और कांग्रेस की तुष्टिकरण की राजनीति को उजागर किया, जिसने मोपला नरसंहार को सफेद झूठ बना दिया।

 

बीजेपी प्रवक्ता शहज़ाद पूनावाला ने सोशल मीडिया पर इस विषय को उठाते हुए लिखा:

 

"जब कांग्रेस और वामपंथी औरंगज़ेब जैसे हिंदू हत्यारे की जय-जयकार कर रहे हैं, तो क्या वे सी. शंकरन नायर को भी नायक मानेंगे? जलियांवाला बाग के बाद न्याय के लिए लड़े नायर, जिन्होंने कांग्रेस के तुष्टिकरण का पर्दाफाश किया—उन्हें इतिहास से मिटा क्यों दिया गया? सिर्फ इसलिए कि उन्होंने हिंदुओं और सिखों के लिए आवाज़ उठाई?"

 

सी. शंकरन नायर कौन थे?

केरल के पलक्कड़ में 11 जुलाई 1857 को जन्मे सी. शंकरन नायर न केवल एक कुशल वकील बल्कि एक निडर स्वतंत्रता सेनानी भी थे। वे 1897 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अध्यक्ष बने और बाद में 1915 में वायसराय की कार्यकारी परिषद में शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त हुए। उनके कार्यकाल के दौरान वे ब्रिटिश शासन के कट्टर आलोचक बने रहे।

 

जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद ब्रिटिश सरकार को चुनौती

13 अप्रैल 1919 को जलियांवाला बाग में निहत्थे भारतीयों पर गोलियां बरसाकर अंग्रेज़ों ने सैकड़ों निर्दोषों की हत्या कर दी। उस समय नायर ब्रिटिश सरकार की कार्यकारी परिषद के सदस्य थे। लेकिन जब उन्होंने ब्रिटिश सरकार की इस क्रूरता के खिलाफ आवाज़ उठाई और लॉर्ड चेम्सफोर्ड को खुलेआम चुनौती दी, तो उन्हें इस्तीफा देना पड़ा।

 

मोपला नरसंहार और कांग्रेस का तुष्टिकरण

1921 में मालाबार में हुए मोपला विद्रोह में हजारों हिंदुओं का कत्ल किया गया, महिलाओं के साथ अत्याचार हुआ, मंदिर तोड़े गए। लेकिन कांग्रेस ने इसे एक "किसानों का विद्रोह" कहकर वास्तविकता को छुपाने की कोशिश की।

 

सी. शंकरन नायर ने इस झूठ को उजागर किया। उन्होंने कहा कि यह विद्रोह मजहबी कट्टरता का नतीजा था, लेकिन कांग्रेस के तुष्टिकरण की राजनीति ने इसे दबा दिया।

 

'केसरी चैप्टर 2' और नायर की विरासत का पुनर्जागरण

जल्द ही रिलीज़ होने वाली फिल्म 'Kesari Chapter 2: The Untold Story of Jallianwala Bagh' में सी. शंकरन नायर के जीवन को दिखाया जाएगा। यह फिल्म करण सिंह त्यागी द्वारा निर्देशित है और इसमें अक्षय कुमार, आर. माधवन और अनन्या पांडे मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म 18 अप्रैल 2025 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होने वाली है।

 

फिल्म के टीज़र में अक्षय कुमार को नायर की भूमिका में दिखाया गया है, जिसमें वे ब्रिटिश सरकार से टकराते और न्याय के लिए संघर्ष करते नजर आते हैं। यह फिल्म इतिहास के पन्नों में दबे एक सच्चे नायक को सामने लाने का प्रयास है।

 

इतिहास से मिटाए गए नायकों को पहचान देने का वक्त

बीजेपी द्वारा उठाया गया यह मुद्दा इतिहास में हुई राजनीतिक पक्षपात की ओर इशारा करता है। क्या हम अपने असली नायकों को भुलाते रहेंगे और उन लोगों का महिमामंडन करेंगे जिन्होंने हिंदुओं पर अत्याचार किए?

 

‘केसरी चैप्टर 2’ सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि उन नायकों को पहचान दिलाने का एक अवसर है, जिन्हें जानबूझकर भुला दिया गया। क्या अब भी कांग्रेस और वामपंथ इस सवाल का जवाब देंगे?

Trending Topics

IPL
Lucknow Super Giants

Mumbai Indians

Teams will be announced at the toss

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!