जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर रुकवाया बाल विवाह

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 08 Jan, 2026 08:12 PM

the district administration team went to the spot and stopped the child marriag

डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की टीम ने जिला में बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए कड़ा अभियान चलाया हुआ है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): डीसी अजय कुमार के मार्गदर्शन में जिला प्रशासन की टीम ने जिला में बाल विवाह की कुप्रथा को रोकने के लिए कड़ा अभियान चलाया हुआ है। इसी क्रम में गांव राठीवास में बाल विवाह होने की सूचना मिलने पर एक बाल विवाह को रुकवाने में सफलता हासिल की। गांव में 23 जनवरी को निर्धारित एक विवाह के संदर्भ में मिली गुप्त सूचना के आधार पर जिला प्रशासन की टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो लड़की की आयु 17 साल पाई गई। यह पुष्टिï होने के बाद इस विवाह को रुकवा दिया गया है। विवाह अधिनियम के अनुसार शादी के लिए लड़की की आयु कम से कम 18 साल होनी आवश्यक है। संरक्षण एवं बाल विवाह निषेध अधिकारी मधु जैन की संयुक्त विभागीय टीम ने बाल विवाह रूकवाने में सफलता हासिल की। 

 

बाल विवाह कानूनी अपराध:डीसी*

डीसी अजय कुमार ने कहा कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अन्तर्गत कानूनी अपराध है। उन्होंने बताया कि बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के तहत 18 वर्ष से कम आयु की लडक़ी व 21 वर्ष से कम आयु के लडक़े को नाबालिग माना जाता है। यदि कम आयु में विवाह किया जाता है तो यह संज्ञेय और गैर जमानती अपराध है, ऐसा कोई भी व्यक्ति जो बाल विवाह करवाता है, उसको बढ़ावा देता है या उसकी सहायता करता है, तो 2 साल तक की सजा और 1 लाख रूपये तक का जुर्माना हो सकता है। डीसी ने आमजन से आह्वान किया कि 18 वर्ष से कम आयु की लडक़ी व 21 वर्ष से कम आयु के लडक़े की बाल विवाह से सम्बन्धित कोई भी सूचना प्राप्त होती है तो वे बाल विवाह निषेध अधिकारी, पुलिस हेल्पलाइन 112, मैजिस्ट्रेट या चाइल्ड हेल्पलाइन नम्बर 1098 पर सम्पर्क कर सूचना दे सकते है, ताकि समय पर हस्तक्षेप करके नाबालिग के विवाह को रुकवाया जा सके। 

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