रितु झिंगोन ने लॉन्च की अपनी दूसरी फोटो बुक ‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सेकर्ड शोर्स’

Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 09 Apr, 2026 07:37 PM

ritu jhingon launches her second photo book  confluence the journey to the sac

यह पुस्तक प्यार से की गई मेहनत का नतीजा है- जो कुंभ मेले और भारत के पवित्र नदी किनारों के कई सालों का दस्तावेजीकरण है

गुड़गांव ब्यूरो : जानी-मानी फोटोग्राफर रितु झिंगोन ने आज नई दिल्ली में अपनी दूसरी फोटो बुक ‘कॉन्फ्लुएंसः द जर्नी टू द सेकर्ड शोर्स’ का लॉन्च किया। इस लॉन्च के बाद कुंभ मेले तथा उनके नज़रिए से आस्था को दस्तावेज के रूप में सहेजने पर चर्चा हुई। हार्परकॉलिन्स इंडिया द्वारा प्रकाशित, यह पुस्तक 2013 के बाद से कुंभ मेले के प्रति झिंगोन के गहरे जुड़ाव को दर्शाती है। अपनी पाँच यात्राओं के दौरान, उन्होंने इस विशाल जनसमूह के भव्य पैमाने तथा शांत, अंतरंग एवं पलों को अपने कैमरे में कैद किया है। उनकी तस्वीरें नदी किनारे के संपूर्ण मानवीय अनुभव- रीति-रिवाजों, साधु-संतों और रोज़मर्रा के जीवन को -एक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत करती हैं; ’कॉन्फ्लुएंस’ यानि शाब्दिक रूप से संगम,  जिसे वह “डुबकी से पहले की शांति“ कहती हैं।



“कुंभ सिर्फ़ अपनी ओर आकर्षित ही नहीं करता बल्कि यह बुलाता है,” झिंगोन ने कहा। “साधकों के उस सागर में, मुझे एक विरोधाभास नज़र आयाः जहाँ अफ़रा-तफ़री और भक्ति, दोनों एक-दूसरे में पूरी तरह से गुंथे हुए थे। मैं इन पलों को शांत फ्रेम में ढालना चाहते थी, जहां साधारण के भीतर ही कुछ असाधारण उभरकर सामने आता है। पुस्तक का लॉन्च नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेट सेंटर में विजु़अल आर्ट गैलेरी में एक फोटोग्राफ प्रदर्शनी के साथ हुआ। प्रदर्शनी में पिछले कई सालों के दौरान कुंभ और नदी किनारों की बड़े आकार की तस्वीरें पेश की गई थीं। ‘कॉन्फ्लुएंस’ से पहले झिंगोन की पहली पुस्तक थी ‘बनारस (2023)। उनकी नई पुस्तक नदी वाले शहरों, तीर्थ यात्रा के रास्तों और आस्था से जुड़े स्थानों को लेकर उनके अनुभवों पर आधारित है। यह प्रदर्शनी भारत के तीर्थ स्थलों और नदी-संस्कृति पर झिंगोन के मौजूदा कार्यों काएक हिस्सा है।  
 

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