Edited By Gaurav Tiwari, Updated: 11 Jan, 2026 07:50 PM
भारत में स्टार्टअप्स की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। लेकिन बहुत से ऐसे फाउंडर होते हैं जो टेक्नोलॉजी के एक्सपर्ट नहीं होते।
गुड़गांव ब्यूरो : भारत में स्टार्टअप्स की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है। लेकिन बहुत से ऐसे फाउंडर होते हैं जो टेक्नोलॉजी के एक्सपर्ट नहीं होते। उनके पास आइडिया तो बहुत अच्छे होते हैं, पर उन्हें टेक्नोलॉजी में बदलना मुश्किल हो जाता है। ऐसे समय में RHA Technologies एक मज़बूत सहारा बनकर सामने आई है। यह कंपनी स्टार्टअप्स और SMEs के लिए एक आउटसोर्स्ड टेक को-फाउंडर की तरह काम करती है।
RHA Technologies की शुरुआत कैसे हुई
RHA Technologies की स्थापना अरुण मीणा ने की है, जो IIT कानपुर से पढ़े हुए हैं। उन्होंने अपने करियर में बड़ी-बड़ी कंपनियों के साथ काम किया है। उन्होंने हिंदुस्तान टाइम्स और Emaar Properties जैसी कंपनियों में टेक्नोलॉजी से जुड़े बड़े प्रोजेक्ट संभाले।
अपने अनुभव से अरुण मीणा ने यह समझा कि कई नॉन-टेक फाउंडर्स के पास अच्छा बिज़नेस आइडिया होता है, लेकिन टेक्नोलॉजी की कमी के कारण वे आगे नहीं बढ़ पाते। इसी समस्या को हल करने के लिए उन्होंने साल 2020 में RHA Technologies शुरू की।
RHA Technologies क्या काम करती है
RHA Technologies सिर्फ सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी नहीं है। यह स्टार्टअप्स के साथ मिलकर ऐसे काम करती है जैसे कोई टेक्निकल को-फाउंडर करता है। यह कंपनी बिज़नेस आइडिया को समझती है और फिर उसे टेक्नोलॉजी के ज़रिए एक सही प्रोडक्ट में बदलती है।
RHA की टीम में आज लगभग 70 टेक एक्सपर्ट्स हैं। यह टीम स्टार्टअप्स, छोटे कारोबार और बड़ी कंपनियों को उनके डिजिटल सफर में मदद करती है।
RHA की वर्किंग स्टाइल:
जब कोई फाउंडर अपने आइडिया के साथ RHA के पास आता है, तो सबसे पहले टीम उस आइडिया और बिज़नेस गोल्स को अच्छे से समझती है। इसके बाद एक साफ़ और आसान टेक प्लान बनाया जाता है।
RHA नई-नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करती है, जैसे:
● AI (आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस)
● मशीन लर्निंग
● ब्लॉकचेन
● क्लाउड टेक्नोलॉजी
● ऑटोमेशन टूल्स
इसके बाद टीम तेज़ी से काम करके MVP (Minimum Viable Product) तैयार करती है, ताकि फाउंडर जल्दी मार्केट में जा सके। प्रोडक्ट लॉन्च होने के बाद भी RHA सपोर्ट देती रहती है।
RHA Technologies को खास बनाने वाली तीन बड़ी बातें हैं:
● अनुभवी टीम – अलग-अलग इंडस्ट्री में काम करने से टीम हमेशा अपडेट रहती है।
● साफ़ एक्ज़ीक्यूशन – जो सोचा जाता है, वही सही तरीके से बनाया जाता है।
● ज़रूरत के हिसाब से टीम – फाउंडर अपनी ज़रूरत के अनुसार पूरी टीम की ताकत ले सकता है।
निष्कर्ष
आज बहुत से स्टार्टअप सही टेक्नोलॉजी सपोर्ट न मिलने की वजह से बंद हो जाते हैं। ऐसे में RHA Technologies नॉन-टेक फाउंडर्स के लिए एक भरोसेमंद पार्टनर बनकर सामने आई है। यह कंपनी दिखाती है कि अगर सही टेक टीम साथ हो, तो कोई भी छोटा आइडिया एक बड़ी और सफल कंपनी बन सकता है।