Edited By Isha, Updated: 02 Apr, 2025 07:35 AM

मोहाली की एक अदालत ने खुद को यीशु का पैगंबर बताने वाले स्वयंभू पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि सिंह ने एक उपदेशक के रूप में अपने पद का
चंडीगढ़: मोहाली की एक अदालत ने खुद को यीशु का पैगंबर बताने वाले स्वयंभू पादरी बजिंदर सिंह को 2018 के दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा कि सिंह ने एक उपदेशक के रूप में अपने पद का दुरुपयोग कर जघन्य अपराध किया।अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रांत कुमार ने मंगलवार को यह फैसला सुनाया।

यमुनानगर का रहने वाला है पादरी
मूल रूप से यमुनानगर के रहने वाले सिंह को कोर्ट ने दुष्कर्म, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी से जुड़ी भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं में 28 मार्च को दोषी करार दिया था। वहीं, कोर्ट ने पांच अन्य आरोपियों अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, जतिंदर कुमार, सितार अली और संदीप पहलवान को बरी कर दिया था। एक आरोपी सुच्चा सिंह की ट्रॉयल के दौरान मौत हो चुकी है।

कोर्ट में ही रो पड़ा पीड़ित
कोर्ट ने जैसे ही सजा सुनाई तो बजिंदर सिसकियां भरकर रोने लगा। उसके वकील एचएस धनोआ ने अदालत में तर्क दिया कि उसके बच्चे छोटे हैं और पत्नी बीमार है। उसके प्रति नरम रुख अपनाया जाए, पर कोर्ट ने ये दलीलें खारिज कर दीं। धनोआ ने कहा, वह फैसले को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। बजिंदर मानसा जेल में बंद था। 2018 में सिंह को लंदन भागने की कोशिश में दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया था।
