इंद्री मंडी में नमी के नाम पर हो रही धांधली से किसान परेशान, फॉर्म न मिलने पर जताया रोष

Edited By Yakeen Kumar, Updated: 29 Sep, 2025 09:23 PM

farmers are upset due to the fraud in name of moisture in indri mandi

इंद्री की अनाज मंडी में इस बार धान की खरीद को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिल रहा है।

इंद्री (मेनपाल) : इंद्री की अनाज मंडी में इस बार धान की खरीद को लेकर किसानों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। किसान राजिंदर व मलखान  ने आढ़तियों, सेलर मालिकों और मार्केट कमेटी के अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मंडी में नमी के नाम पर सुनियोजित तरीके से धांधली की जा रही है। किसान अपनी धान मंडी में लेकर आते हैं, लेकिन आढ़ती और सेलर मालिक उसे "नमी अधिक" बताकर औने-पौने दामों में खरीदने का दबाव बनाते हैं।

किसानों का कहना है कि जब वे धान बेचने के बाद आढ़तियों से जे-फॉर्म की मांग करते हैं तो आढ़ती उन्हें टालमटोल कर मना कर देते हैं। जे-फॉर्म न मिलने से किसानों को अपनी फसल की वास्तविक कीमत का पता नहीं चल पाता किसानो से कम रेट में धान खरीदी जा रही है 

किसान राजिंदर व मलखान ने बताया की पीआर 14 धान में मंडी में लेकर आया था जो की मेरी धान 2100 रूपये में खरीदी जा रही  है समय पर जे फार्म काटकर नहीं देते बाद में खरीद एजेंसियों से मिली भगत कर सरकारी रेट 2389 रूपये पर बेच देते है बिच का अंतर आढ़ती व् राईस मिलरों द्वारा हजम कर लिया जाता है सुखाने के नाम धांधली किसानो ने आरोप लगाया धान में नमी की मात्रा अधिक बताकर कम रेट में ख़रीदा जा रहा है जब मंडी में धान की सुखाने की बात आयी तो आढ़ती ने धान को फ़ैलाने से मना का दिया किसान राजिंदर ने बताया की मंडी एसोसिएशन ने लेबर पर दबाव बना रखा है की किसी की भी धान न सुखाया जाये जो सुखायेगा उसी लेबर पर 5100 रूपये जुर्मान किया जायेगा। 

कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान सुमेर चन्द ने बताया की अब की बार बसासत ज्यादा हुई जिसकी वजह से धरती में नमी ज्यादा है इस वजह से धान की नमी की मात्रा अधिक है अधिक होने के कारण राईस मिलर सरकारी रेट पर नहीं खरीद प् रहे है क्योकि उन्हें भी नुक्सान होता है चावल की मात्रा कम निकलती है। 
 

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