तीन दिन कर्मचारियों की हड़ताल, ठप हो सकती है बिजली-पानी व्यवस्था, कोर्ट ने लगाई HVPNL के 500 मीटर दायरे में एंट्री पर बैन

Edited By Pawan Kumar Sethi, Updated: 10 Aug, 2026 09:57 PM

three day employees  strike power and water supply could be disrupted

अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे बिजली निगम के कर्मचारियों ने तीन दिन की राज्य व्यापी हड़ताल की घोषणा की है। 11 से 13 अगस्त तक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप रहने की आशंका है।

गुड़गांव, (ब्यूरो): अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे बिजली निगम के कर्मचारियों ने तीन दिन की राज्य व्यापी हड़ताल की घोषणा की है। 11 से 13 अगस्त तक कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे। ऐसे में बिजली आपूर्ति ठप रहने की आशंका है। वहीं, बिजली आपूर्ति ठप होने से पेयजल व्यवस्था भी चरमरा सकती है। इसको देखते हुए न्यायपालिका ने सख्त रुख अख्तियार किया है। वहीं, हड़ताल को रोकने के लिए अदालत में याचिका भी दायर की गई है। हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बाधित होने से बचाने और सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सिविल जज अभिषेक चौधरी की अदालत ने एक महत्वपूर्ण और सख्त आदेश जारी किया है। अदालत ने हरियाणा पावर इंजीनियर एसोसिएशन के सचिव व अन्य कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वे हड़ताल के दौरान हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (HVPNL) के कार्यालयों, पावर स्टेशनों और सब-स्टेशनों के 500 मीटर रेडियस के दायरे से बाहर रहेंगे।

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वहीं, कर्मचारी नेताओं का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को सरकार और विभाग के अधिकारियों के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं हुआ है। इसी के विरोध में तीन दिनों तक कामकाज ठप रखने का फैसला लिया गया है। यूनियन नेताओं ने कहा है कि अगर इस दौरान किसी भी क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। यूनियन नेताओं का कहना है कि सरकार बिजली निगम को निजी हाथों में सौंपने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन वह किसी भी सूरत में निजीकरण नहीं होने देंगे।

 

वहीं, अदालत में दायर याचिका पर आज अदालत में सुनवाई हुई।  HVPNL की तरफ से अदालत में पेश हुए अधिवक्ता विवेक वर्मा ने बताया कि विभाग ने याचिका दायर कर आशंका जताई थी कि तीन दिवसीय हड़ताल के दौरान प्रदर्शनकारी परिसर में नारेबाजी, प्रदर्शन और अधिकारियों-कर्मचारियों के रास्ते रोक सकते हैं। इससे बिजली सप्लाई के काम में बाधा आ सकती है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे HVPNL के किसी भी कार्य में दखल नहीं देंगे और दफ्तरों या सब-स्टेशनों की ओर जाने वाले रास्तों को नहीं रोकेंगे। इसके अलावा, प्रदर्शन के दौरान शहर की किसी भी मुख्य या आंतरिक सड़क को जाम करने पर भी पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।


अदालत ने स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए जिले के सभी पुलिस थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं। पुलिस प्रशासन को कहा गया है कि वे HVPNL के सभी कार्यालयों और परिसरों के आसपास अदालत के दिए गए आदेशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। किसी भी अप्रिय घटना या बिजली आपूर्ति में बाधा डालने की कोशिश करने वालों से कानून के मुताबिक निपटा जाएगा। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य आम जनता को हड़ताल के दौरान बिजली संकट से बचाना और अस्पतालों व आवश्यक सेवाओं में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखना है। अदालत के आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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