स्वाइन फ्लू ने बढ़ाई चिंता...हिसार में 48 मरीज, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

Edited By Harman, Updated: 09 Sep, 2026 11:19 AM

swine flu raises concern  48 patients in hisar

हरियाणा में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हिसार जिले में भी मच्छर जनित बीमारियों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या अब 48 पहुंच गई है।

हिसार (विनोद सैनी) : हरियाणा में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। हिसार जिले में भी मच्छर जनित बीमारियों के साथ-साथ स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या में तेजी से इजाफा हो रहा है। जिले में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या अब 48 पहुंच गई है। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और 24 घंटे सैंपलिंग की व्यवस्था की गई है।

हिसार के उप सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा ने बताया कि स्वाइन फ्लू एक मौसमी बीमारी है। जो मौसम के अनुसार सामने आती है। खासतौर पर पांच साल से कम उम्र के बच्चों, बुजुर्गों और पहले से किसी बीमारी से ग्रस्त लोगों में इसका खतरा अधिक रहता है।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से 24×7 सैंपलिंग की जा रही है। इसके अलावा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) स्तर से लेकर सरकारी और निजी अस्पतालों तक फ्लू कॉर्नर बनाए गए हैं। संदिग्ध मरीजों के सैंपल लेकर जांच की जा रही है। पॉजिटिव मरीजों और उनके संपर्क में आए परिवार के सदस्यों को स्वास्थ्य विभाग की ओर से निःशुल्क टेमीफ्लू दवा उपलब्ध कराई जा रही है।

गंभीर मरीजों के 100 प्रतिशत सैंपल

डॉ. खतरेजा ने बताया कि इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस (ILI) वाले OPD मरीजों में से निर्धारित मानकों के अनुसार सैंपल लिए जा रहे हैं। वहीं ICU में भर्ती, ऑक्सीजन या वेंटिलेटर पर मौजूद तथा गंभीर श्वसन बीमारी से जूझ रहे मरीजों के 100 प्रतिशत सैंपल लिए जाते हैं। सरकारी और निजी अस्पतालों से आने वाले सैंपलों की जांच कर उसी दिन रिपोर्ट देने का प्रयास किया जा रहा है।

सिविल अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड तैयार

स्वाइन फ्लू के मरीजों के लिए हिसार के सिविल अस्पताल में अलग आइसोलेशन वार्ड भी स्थापित किया गया है। चिकित्सकों और विशेषज्ञों की टीम मरीजों के उपचार और निगरानी में जुटी हुई है।

बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की सलाह

डॉ. सुभाष खतरेजा ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि खांसते या छींकते समय मुंह पर रुमाल या टिश्यू पेपर का इस्तेमाल करें। बार-बार साबुन से हाथ धोएं, करीब एक मीटर की दूरी बनाए रखें और मास्क का प्रयोग करें। भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें। उन्होंने लोगों को पर्याप्त पानी पीने, पौष्टिक आहार लेने और पूरी नींद लेने की सलाह दी। बच्चों में लगातार खांसी, सीने में परेशानी या सांस लेने में दिक्कत जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की गई है।

उप सिविल सर्जन डॉ सुभाष खतरेजा ने बनाया कि हां, अगस्त के बाद एक डेथ हुई है। यह महिला बुजुर्ग थी और उसे पहले से कई पुरानी बीमारियां भी थीं। ऐसी मौत के मामलों में पूरी फाइल और सभी रिपोर्टों की जांच की जाती है। और डेथ ऑडिट किया जाता है। ऑडिट के बाद ही इस एक मामले को अगस्त के बाद रिपोर्ट किया गया है।

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