महंगाई का बड़ा झटका! हर आधे घंटे में बदल रहे चीनी के दाम,  महज 10 दिन में 100 रूपए तक महंगी हुई Sugar

Edited By Isha, Updated: 19 Aug, 2026 01:34 PM

sugar prices are changing every half hour

चीनी की आसमान छूती कीमतों ने उसकी मिठास को फीका कर दिया है। हालात यह हैं कि अब लोग चीनी में भी कड़वाहट महसूस करने लगे हैं। अगस्त के प्रारंभ तक करीब 45

पलवल(गुरदत्त गर्ग):   चीनी की आसमान छूती कीमतों ने उसकी मिठास को फीका कर दिया है। हालात यह हैं कि अब लोग चीनी में भी कड़वाहट महसूस करने लगे हैं। अगस्त के प्रारंभ तक करीब 45 रुपये प्रति किलोग्राम बिक रही चीनी के भाव तेजी से बढ़ते हुए अब 65 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए हैं। महज दस दिन पहले जो ग्राहक पांच किलो चीनी 225 रुपये में लेकर गया था, उसे अब यही मात्रा करीब 300 से 325 रुपये में मिल रही है।चीनी के लगातार बढ़ते दामों से ग्राहक तो परेशान हैं ही, फुटकर और थोक विक्रेता भी कम परेशान नहीं हैं।

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दुकानदारों का कहना है कि चीनी के भाव में इतनी तेजी बनती जा रही है कि हर आधे-एक घंटे में रेट बदलते नजर आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिस तरह पिछले दिनों सोने-चांदी के भाव में तेजी देखने को मिली थी, उसी तरह चीनी के दाम भी लगातार ऊपर जा रहे हैं। हालांकि बाजार में कीमतों में इतनी तेजी का कोई स्पष्ट कारण सामने नहीं आ रहा है।

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व्यापारियों के अनुसार चीनी मिलों में स्टॉक की स्थिति भी स्पष्ट नहीं है। मिल संचालकों की ओर से पर्याप्त जानकारी नहीं मिलने के कारण थोक बाजार में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसका सीधा असर फुटकर बाजार और आम उपभोक्ता की जेब पर पड़ रहा है। उधर कुछ ग्राहकों ने बाजार में आने वाली चीनी की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि महंगी चीनी खरीदने के बावजूद कई बार अपेक्षित मिठास महसूस नहीं होती। ग्राहकों का कहना है कि चीनी रसोई और रोजमर्रा की गृहस्थी का जरूरी हिस्सा है। इसके दाम बढ़ने से पहले से महंगाई से जूझ रहे परिवारों का घरेलू बजट और बिगड़ गया है।


त्योहारी सीजन के बीच चीनी के दामों में हुई इस बेतहाशा बढ़ोतरी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। मिठाई, चाय, दूध और अन्य घरेलू जरूरतों में इस्तेमाल होने वाली चीनी महंगी होने से त्योहारों की मिठास भी प्रभावित होने लगी है। कई ग्राहक अब बढ़ते भाव के कारण जरूरत के मुताबिक ही चीनी खरीदने को मजबूर हैं।



बाजार में यह चर्चा भी है कि आगामी सीजन में एथनॉल उत्पादन के लिए गन्ने के इस्तेमाल में बढ़ोतरी होने से चीनी का उत्पादन प्रभावित हो सकता है। हालांकि चीनी के मौजूदा भाव में अचानक हुई तेजी के पीछे यही प्रमुख कारण है या नहीं, इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।  पलवल सुगर मिल की मैनेजिंग डॉयरेक्टर द्विजा (एचसीएस) से चीनी की बढ़ती जा रही कीमतों के बारे में जानने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा यह हमारे एन्ड पर नहीं होता है। इस बारे में में कैमरे कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया। 

ग्राहकों व दुकानदारों ने सरकार से मांग की है कि चीनी के बढ़ते दामों पर तत्काल प्रभाव से निगरानी और हस्तक्षेप किया जाए तथा जमाखोरी अथवा कृत्रिम तेजी की स्थिति होने पर कार्रवाई की जाए, ताकि आम आदमी को राहत मिल सके और त्योहारी सीजन में रसोई की मिठास बरकरार रहे।
 

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