Edited By Harman, Updated: 23 Apr, 2026 12:52 PM

अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए गुरुवार तड़के सुबह करीब 4 बजे मुख्यमंत्री उड़न दस्ता, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने सड़कों पर उतरकर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अचानक हुई इस कार्रवाई से वाहन चालकों में...
यमुनानगर (सुरेंद्र मेहता) : अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों पर लगाम कसने के लिए गुरुवार तड़के सुबह करीब 4 बजे मुख्यमंत्री उड़न दस्ता, प्रादेशिक परिवहन प्राधिकरण (आरटीए) और खनन विभाग की संयुक्त टीम ने सड़कों पर उतरकर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। अचानक हुई इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया और कई वाहन चालक रास्ता बदलते नजर आए।
सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर राजेश कुमार, ने बताया कि पिछले काफी समय से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि अन्य राज्यों से खनन सामग्री से भरे भारी वाहन बिना इंटर स्टेट ट्रांजिट पास (आईएसटीपी) के हरियाणा में प्रवेश कर रहे हैं। नियमों के अनुसार खनन सामग्री लाने वाले वाहनों के लिए प्रति टन 80 रुपये का ट्रांजिट पास अनिवार्य है, लेकिन कई वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर अवैध तरीके से प्रवेश कर रहे थे।
इसी सूचना के आधार पर सीएम फ्लाइंग, आरटीए विभाग के एडीटीओ गुरप्रीत सिंह संधू और माइनिंग इंस्पेक्टर अतुल की टीम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। करीब चार घंटे तक चली इस कार्रवाई के दौरान 25 वाहनों की जांच की गई। जांच के दौरान तीन वाहन ऐसे पाए गए जो बिना आईएसटीपी के खनन सामग्री, विशेष रूप से लाइमस्टोन, लेकर आ रहे थे और ओवरलोड भी थे। टीम ने मौके पर ही इन तीनों वाहनों को जब्त कर लिया और संबंधित विभागों द्वारा भारी जुर्माना भी लगाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
इंस्पेक्टर राजेश कुमार ने बताया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर रोक लगाने के लिए यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने वाहन चालकों और ट्रांसपोर्टरों से अपील की कि वे दूसरे राज्यों से खनन सामग्री लाते समय अनिवार्य रूप से इंटर स्टेट ट्रांजिट पास बनवाएं और निर्धारित मानकों का पालन करें, ताकि किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।